हेल्थ डेस्क: रोजाना एक एवोकाडो खाने से दिल को मिल सकता है फायदा, रिसर्च में बैड कोलेस्ट्रॉल के कणों में आई कमी

नई दिल्ली। पेट के आसपास बढ़ती चर्बी और कोलेस्ट्रॉल की समस्या आजकल कई लोगों के लिए चिंता का विषय है। ऐसे में खानपान में छोटे बदलाव भी सेहत को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं। एवोकाडो ऐसा ही एक फल है, जिसे पोषक तत्वों से भरपूर माना जाता है। एक नए अध्ययन में सामने आया है कि छह महीने तक रोजाना एक एवोकाडो खाने से रक्त में खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) के कणों की संख्या कम हो सकती है। हालांकि, इससे वजन या कमर की चर्बी घटने का कोई खास प्रमाण नहीं मिला।
यह अध्ययन Journal of Clinical Lipidology में प्रकाशित हुआ है। शोधकर्ताओं के मुताबिक, एवोकाडो को संतुलित आहार का हिस्सा बनाने से हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
786 वयस्कों पर किया गया अध्ययन
इस रिसर्च में Habitual Diet and Avocado Trial के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया। इसमें 25 वर्ष या उससे अधिक उम्र के 786 वयस्कों को शामिल किया गया, जिन्हें पेट के आसपास मोटापे की समस्या थी। अध्ययन में पुरुषों की कमर 40 इंच से अधिक और महिलाओं की कमर 35 इंच से अधिक थी।
प्रतिभागियों को दो समूहों में बांटा गया। एक समूह ने अपनी सामान्य डाइट जारी रखी, जबकि दूसरे समूह ने अपनी रोजाना की डाइट में एक एवोकाडो शामिल किया। इस दौरान प्रतिभागियों की खानपान संबंधी आदतों में कोई अन्य बड़ा बदलाव करने का निर्देश नहीं दिया गया।
छह महीने तक चले अध्ययन का उद्देश्य यह समझना था कि नियमित रूप से एवोकाडो खाने से कोलेस्ट्रॉल और हृदय स्वास्थ्य से जुड़े संकेतकों पर क्या असर पड़ता है।
वजन और कमर की चर्बी में नहीं आया खास बदलाव
अध्ययन के दौरान रोजाना एवोकाडो खाने वाले प्रतिभागियों के वजन और कमर के आकार में कोई महत्वपूर्ण बदलाव नहीं देखा गया। हालांकि, उनके रक्त में LDL कणों की सांद्रता औसतन 49 नैनोमोल प्रति लीटर कम हुई।
LDL को आमतौर पर बैड कोलेस्ट्रॉल कहा जाता है। इसके कण धमनियों में प्लाक जमा होने की प्रक्रिया में भूमिका निभा सकते हैं, जिससे आगे चलकर हृदय रोग का खतरा बढ़ सकता है। खासकर छोटे और घने LDL कणों को हृदय स्वास्थ्य के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है।
इसलिए अध्ययन में सामने आया सुधार सकारात्मक संकेत है, लेकिन इसे सीधे तौर पर वजन घटाने या पेट की चर्बी कम करने का उपाय नहीं माना जाना चाहिए।
एवोकाडो में मौजूद कौन-से पोषक तत्व हैं फायदेमंद?
एवोकाडो में कई ऐसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो संतुलित आहार के जरिए हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में मदद कर सकते हैं।
- फाइबर: एवोकाडो में मौजूद फाइबर पाचन को बेहतर बनाने और पेट लंबे समय तक भरा रखने में मदद करता है। घुलनशील फाइबर कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करने में भी सहायक हो सकता है।
- मोनोअनसैचुरेटेड फैट: इसमें पाया जाने वाला असंतृप्त वसा, मक्खन जैसे सैचुरेटेड फैट की जगह इस्तेमाल किए जाने पर, रक्त में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बेहतर बनाए रखने में मदद कर सकता है।
- फाइटोस्टेरॉल: ये पौधों में पाए जाने वाले यौगिक हैं, जो आंतों में कोलेस्ट्रॉल के अवशोषण को कम करने में भूमिका निभा सकते हैं।
- एंटीऑक्सीडेंट: एवोकाडो में विटामिन E सहित कुछ एंटीऑक्सीडेंट मौजूद होते हैं, जो शरीर की कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव नुकसान से बचाने में मदद करते हैं।
हालांकि, किसी एक पोषक तत्व या फल को हृदय रोग से बचाव की गारंटी नहीं माना जा सकता। इसका फायदा संपूर्ण खानपान और जीवनशैली पर भी निर्भर करता है।
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, कैसे करें डाइट में शामिल?
प्रिवेंटिव कार्डियोलॉजी डाइटीशियन मिशेल राउथेनस्टीन के अनुसार, एवोकाडो को भोजन में शामिल करने का एक उपयोगी तरीका यह है कि इसे मक्खन या अधिक सैचुरेटेड फैट वाले कुछ खाद्य पदार्थों के विकल्प के रूप में इस्तेमाल किया जाए।
एवोकाडो में मौजूद फाइबर और फाइटोस्टेरॉल कोलेस्ट्रॉल के अवशोषण को कम करने में मदद कर सकते हैं। इसके असंतृप्त वसा भी संतुलित आहार का हिस्सा होने पर हृदय स्वास्थ्य के लिए उपयोगी हो सकते हैं।
इसे सलाद, साबुत अनाज की ब्रेड या सैंडविच के साथ खाया जा सकता है। हालांकि, इसमें कैलोरी भी होती है, इसलिए इसे अपनी कुल ऊर्जा जरूरत और भोजन की मात्रा को ध्यान में रखकर डाइट में शामिल करना बेहतर है।
क्या एवोकाडो खाने से दिल की बीमारी का खतरा 4% घट सकता है?
शोधकर्ताओं ने LDL कणों में देखी गई कमी के आधार पर अनुमान लगाया कि इससे हृदय रोग का जोखिम लगभग 4 प्रतिशत कम होने की संभावना हो सकती है। लेकिन यह एक अनुमान है, अध्ययन में प्रत्यक्ष रूप से दर्ज हृदय रोग की घटनाओं में कमी का प्रमाण नहीं।
इस अंतर को समझना जरूरी है। कोलेस्ट्रॉल से जुड़े कुछ संकेतकों में सुधार होना और वास्तव में हार्ट अटैक या स्ट्रोक के मामलों में कमी आना दो अलग-अलग बातें हैं। इसके लिए लंबे समय तक किए गए अतिरिक्त अध्ययन जरूरी हैं।
शोधकर्ताओं ने यह भी स्पष्ट किया कि अध्ययन पेट के आसपास मोटापे से ग्रस्त वयस्कों पर किया गया था। इसलिए इसके परिणामों को हर उम्र और हर स्वास्थ्य स्थिति वाले व्यक्ति पर समान रूप से लागू नहीं किया जा सकता।
पेट की चर्बी कम करने के लिए क्या करें?
अगर आपका उद्देश्य पेट के आसपास जमा चर्बी कम करना है, तो केवल एवोकाडो खाने पर निर्भर रहने के बजाय कुछ जरूरी आदतों पर ध्यान दें।
- संतुलित आहार लें और कुल कैलोरी सेवन पर ध्यान दें।
- नियमित रूप से पैदल चलें और अपनी क्षमता के अनुसार व्यायाम करें।
- पर्याप्त नींद लें और दिनचर्या को नियमित बनाए रखें।
- तले हुए खाद्य पदार्थों, अतिरिक्त चीनी और अत्यधिक प्रोसेस्ड फूड का सेवन सीमित करें।
- कोलेस्ट्रॉल या ब्लड प्रेशर की समस्या होने पर डॉक्टर की सलाह के अनुसार जांच और उपचार जारी रखें।
निष्कर्ष: रोजाना एक एवोकाडो खाने से कुछ लोगों में खराब कोलेस्ट्रॉल से जुड़े संकेतकों में सुधार हो सकता है। हालांकि, यह पेट की चर्बी घटाने का कोई जादुई उपाय नहीं है और न ही दिल की बीमारी से बचाव की गारंटी देता है। संतुलित खानपान, नियमित शारीरिक गतिविधि और स्वस्थ जीवनशैली ही लंबे समय तक हृदय स्वास्थ्य बनाए रखने का बेहतर तरीका हैं।




