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हेल्थ डेस्क: नवरात्र में सेंधा नमक खाने की क्या है वजह? जानें सेहत पर इसका असर और जरूरी सावधानियां

नवरात्र में मां दुर्गा की आराधना के साथ व्रत रखने की परंपरा भी निभाई जाती है। इस दौरान खानपान को लेकर कई नियमों का पालन किया जाता है। कुछ लोग अनाज, प्याज और लहसुन से दूरी बनाते हैं, तो कई घरों में व्रत के व्यंजन बनाने के लिए साधारण नमक की जगह सेंधा नमक का इस्तेमाल किया जाता है। साबूदाना खिचड़ी से लेकर कुट्टू की पूरी और आलू की सब्जी तक, व्रत के खाने में सेंधा नमक खास जगह रखता है।

लेकिन क्या सेंधा नमक सामान्य नमक से ज्यादा फायदेमंद होता है? क्या इसे खाने से पाचन बेहतर होता है और शरीर से टॉक्सिन निकलते हैं? आइए जानते हैं कि सेंधा नमक से जुड़े धार्मिक विश्वासों के साथ विज्ञान क्या कहता है।

धार्मिक परंपराओं से जुड़ा है सेंधा नमक का इस्तेमाल

नवरात्र के दौरान सेंधा नमक खाने की सबसे प्रमुख वजह व्रत से जुड़ी धार्मिक मान्यताएं और पारंपरिक खानपान के नियम हैं। कई परिवारों में उपवास के दौरान साधारण टेबल सॉल्ट के बजाय सेंधा नमक का इस्तेमाल किया जाता है। इसे फलाहार में शामिल किए जाने वाले खाद्य पदार्थों के लिए उपयुक्त माना जाता है।

हालांकि, व्रत के नियम हर क्षेत्र, समुदाय और परिवार में अलग-अलग हो सकते हैं। इसलिए सेंधा नमक का इस्तेमाल धार्मिक आस्था और पारिवारिक परंपराओं पर निर्भर करता है। इसे खाने के पीछे किसी खास स्वास्थ्य लाभ का होना जरूरी नहीं है।

क्या होता है सेंधा नमक?

सेंधा नमक को रॉक सॉल्ट या सैंधव लवण भी कहा जाता है। यह प्राकृतिक नमक के भंडारों से प्राप्त होता है और बाजार में सफेद, हल्के गुलाबी या अन्य रंगों के क्रिस्टल के रूप में मिल सकता है।

साधारण टेबल सॉल्ट को आमतौर पर साफ और रिफाइन करके तैयार किया जाता है। इसमें अक्सर आयोडीन भी मिलाया जाता है, ताकि शरीर को इस जरूरी खनिज की पर्याप्त मात्रा मिल सके। दूसरी ओर, सेंधा नमक के कई उत्पाद बिना आयोडीन मिलाए बेचे जाते हैं।

दोनों तरह के नमक में मुख्य रूप से सोडियम क्लोराइड होता है। सेंधा नमक में कुछ अन्य खनिजों की बेहद कम मात्रा भी हो सकती है, लेकिन इससे यह साबित नहीं होता कि वह सामान्य नमक से ज्यादा सेहतमंद है।

क्या सेंधा नमक खाने से पाचन और मेटाबॉलिज्म बेहतर होता है?

सेंधा नमक को लेकर अक्सर दावा किया जाता है कि यह पाचन सुधारता है, मेटाबॉलिज्म बढ़ाता है और शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करता है। आयुर्वेद में भी इसका पारंपरिक इस्तेमाल मिलता है।

हालांकि, इन सभी फायदों की पुष्टि करने वाले पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं। शरीर से अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने का काम मुख्य रूप से लिवर और किडनी करते हैं। केवल सेंधा नमक खाने से शरीर डिट

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