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तीसरे और चौथे स्टेज पर ही क्यों कैंसर का चलता है पता? डॉक्टर ने बताया इसके पीछे का कारण

कैंसर बेहद गंभीर बीमारी है. दुनियाभर के देशों में कैंसर की बीमारी तेजी से फैल रही है. वहीं ओरल कैंसर के मामले पिछले कुछ सालों में बढ़ गए हैं. आज के समय में मेडिकल साइंस ने काफी विकास किया है. लेकिन इसके बाद भी ज्यादातर मरीज को कैंसर के बारे में तीसरे या चौथे स्टेज पर पता चलता है. 

ऐसे में अक्सर लोगों के जेहन में सवाल आता है कि आखिर शुरुआती स्टेज में कैंसर का पता क्यों नहीं चलता है. जयपुर के नारायणा हॉस्पिटल के सीनियर कंसलटेन्ट डॉक्टर दीपांशु गुरनानी से जानते हैं कि आखिर तीसरे और चौथे स्टेज पर ही कैंसर के बारे में क्यों पता चलता है.

नजरअंदाज 

डॉक्टर के अनुसार मरीज कैंसर के शुरुआती लक्षण को नजरअंदाज कर देते हैं. उदाहरण के लिए मुंह में छोटा सा घाव या छाला होता है तो लोग डॉक्टर के पास जाने की बजाए लोग घरेलू उपाय करते हैं. लोग खुद से मेडिकल स्टोर से दवाई खरीदकर इलाज करने की कोशिश करते हैं. इस टालमटोल की वजह से समय पर इलाज नहीं मिल पाता है. ऐसे में जब तकलीफ बढ़ जाती है तो मरीज डॉक्टर के पास जाते हैं.जब तक कैंसर तीसरे और चौथे स्टेज तक पहुंच जाता है.

छोटी उम्र से तंबाकू का सेवन 

तंबाकू से जुड़े प्रोडक्ट मार्केट में आसानी से मिल जाते हैं. छोटी उम्र से ही लोग तंबाकू का सेवन करने लगते हैं. छोटी उम्र से तंबाकू का सेवन करने से कैंसर का रिस्क बढ़ जाता है. तंबाकू से जुड़ा कैंसर तेजी से बढ़ता है.

जागरुकता और स्क्रीनिंग की कमी 

भारत में लोग रूटीन चेकअप और स्क्रीनिंग नहीं कराते हैं. स्क्रीनिंग की मदद से कैंसर का पता शुरुआती समय में लग सकता है. भारत में शुरुआती लक्षणों की पहचान की जानकारी का अभाव है.

इंटरनेट से खुद जानकारी लेना 

अक्सर लोग इंटरनेट और छोटे नीम-हकीमों की चक्कर में पड़ जाते हैं. ऐसे में समय पर सही इलाज नहीं मिल पाता है. सही इलाज की जगह मरीज दूसरे अपचार में समय बर्बाद कर देता है जिससे कैंसर बढ़ जाता है.

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