
कांकेर। शहर में दुर्गोत्सव के दौरान आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम को लेकर विवाद सामने आया है। आमापारा निवासी गणेश तिवारी की शिकायत पर कांकेर पुलिस ने बलराम भट्ट के खिलाफ मामला दर्ज किया है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि कार्यक्रम की तैयारियों के दौरान आरोपी ने विवाद करते हुए गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296 और 351(3) के तहत FIR दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
कार्यक्रम की तैयारी के दौरान हुआ विवाद
शिकायत के मुताबिक, गणेश तिवारी अपने मित्र सतीश दीपक के साथ स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की मुख्य शाखा के सामने नवजोत दुर्गोत्सव समिति के नाम से दुर्गा प्रतिमा स्थापित करते हैं। समिति की ओर से 13 अक्टूबर 2026 को किशोर कुमार नाइट्स कार्यक्रम आयोजित किया जाना था, जिसमें कल्पना जायसवाल ग्रुप को प्रस्तुति देने के लिए आमंत्रित किया गया था।
गणेश तिवारी ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि 13 अक्टूबर की शाम करीब छह बजे कार्यक्रम स्थल पर तैयारियां चल रही थीं। इसी दौरान बलराम भट्ट वहां पहुंचा। आरोप है कि उसने पहले कल्पना जायसवाल के ग्रुप में काम करने और बाद में उससे अलग होने को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की।
कार्यक्रम बिगाड़ने की बात कहने का आरोप
शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपी ने कथित तौर पर कहा कि वह भी स्टेट बैंक के सामने ही दूसरा कार्यक्रम आयोजित कर रहा है, ताकि नवजोत दुर्गोत्सव समिति का कार्यक्रम प्रभावित हो। इस बात को लेकर दोनों के बीच विवाद होने लगा।
गणेश तिवारी का आरोप है कि जब उन्होंने बलराम भट्ट को विवाद नहीं करने और वहां से जाने के लिए कहा, तो वह नाराज हो गया। शिकायत में गाली-गलौज करने के साथ जान से मारने और वहीं दफना देने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।
मां और मित्र को गवाह बताया
शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि कथित घटना के समय उनकी मां शशि तिवारी और मित्र सतीश दीपक भी मौके पर मौजूद थे। उन्होंने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में घटना दर्ज होने की बात भी कही है। शिकायतकर्ता ने अपनी सुरक्षा को लेकर आशंका जताते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की।
14 अक्टूबर को दर्ज हुई FIR
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, कांकेर थाने में 14 अक्टूबर 2026 की रात 9 बजकर 10 मिनट पर FIR क्रमांक 0359 दर्ज की गई। मामले की जांच हेड कांस्टेबल कौशल कुमार साहू को सौंपी गई है। पुलिस आगे की कार्रवाई के लिए शिकायत में दिए गए तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है।
फिलहाल, मामले में लगाए गए आरोप शिकायतकर्ता के पक्ष से सामने आए हैं। उनकी स्वतंत्र पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।



