
रायपुर । छत्तीसगढ़ के शासकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों को बाल अधिकारों, सुरक्षा और विभिन्न सहायता सेवाओं के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में रायगढ़ और दुर्ग जिले के शासकीय स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर बच्चों को बाल विवाह, पॉक्सो अधिनियम, साइबर सुरक्षा, नशे से बचाव और हेल्पलाइन सेवाओं की जानकारी दी गई।
रायगढ़ जिले के शासकीय माध्यमिक विद्यालय गोपालपुर में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों और इससे बचने के उपायों के बारे में बताया गया। बच्चों को किशोर न्याय अधिनियम, 2015 और पॉक्सो अधिनियम, 2012 के तहत उनके अधिकारों की जानकारी दी गई। इसके साथ ही गुड टच-बैड टच, बाल विवाह, बाल श्रम, बाल तस्करी और मोबाइल फोन के सुरक्षित उपयोग से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर भी समझाइश दी गई।
कार्यक्रम के दौरान बाल कल्याण समिति, जिला बाल संरक्षण इकाई और चाइल्ड हेल्पलाइन की भूमिका से विद्यार्थियों को अवगत कराया गया। बच्चों को बताया गया कि किसी बच्चे के संकट में होने या सहायता की आवश्यकता होने पर चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, आपातकालीन सेवा 112 और महिला हेल्पलाइन 181 पर सूचना दी जा सकती है।
दुर्ग में भी बच्चों को बताए सुरक्षा के उपाय
दुर्ग जिले के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गोडपेंड्री में भी बाल जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला बाल संरक्षण इकाई, मिशन शक्ति और चाइल्ड हेल्पलाइन के प्रतिनिधियों ने विद्यार्थियों को बाल विवाह की रोकथाम, पॉक्सो अधिनियम, स्पॉन्सरशिप योजना, दत्तक ग्रहण और फॉस्टर केयर जैसी व्यवस्थाओं की जानकारी दी।
विद्यार्थियों को बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान, साइबर सुरक्षा, घरेलू हिंसा और हेल्पलाइन सेवाओं के संबंध में भी जागरूक किया गया। विशेषज्ञों ने बच्चों को समझाया कि किसी भी असुरक्षित स्थिति, परेशानी या संकट के समय चुप रहने के बजाय भरोसेमंद वयस्क अथवा संबंधित सहायता सेवा से संपर्क करना चाहिए।
इन जागरूकता कार्यक्रमों का उद्देश्य बच्चों को अपने अधिकारों के प्रति सजग बनाना और उन्हें सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए उपलब्ध सरकारी सहायता एवं संरक्षण तंत्र की जानकारी देना है।



