
वाशिंगटन/नई दिल्ली। बदलती सैन्य तकनीक और भविष्य के युद्धक्षेत्र की जरूरतों को समझने के लिए अमेरिका ने ‘प्रोजेक्ट मेरिडियन’ नाम से एक नई पहल शुरू की है। 120 दिनों की इस परियोजना का उद्देश्य आने वाले वर्षों में अमेरिकी सेना को आवश्यक हथियारों, तकनीकों और सैन्य क्षमताओं की पहचान करना है।
इस पहल में टेस्ला और स्पेसएक्स के प्रमुख एलन मस्क, रक्षा तकनीक कंपनी एंड्यूरिल के सह-संस्थापक पामर लकी और अमेरिका के पूर्व हाउस स्पीकर न्यूट गिंगरिच को सह-प्रमुख की जिम्मेदारी दी गई है।
अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने वर्जीनिया के क्वांटिको स्थित मरीन कॉर्प्स बेस में अपने ‘स्टेट ऑफ द फोर्स’ संबोधन के दौरान परियोजना की घोषणा की। उनके मुताबिक, प्रोजेक्ट मेरिडियन का उद्देश्य नई सैन्य नीति तैयार करना नहीं, बल्कि भविष्य के युद्ध में जरूरी तकनीकी क्षमताओं की पहचान करना है।
धरती से अंतरिक्ष तक संभावित युद्धक्षेत्र पर नजर
परियोजना का दायरा काफी व्यापक रखा गया है। इसमें धरती के नीचे के क्षेत्रों से लेकर पृथ्वी और चंद्रमा के बीच स्थित सिस्लूनर स्पेस तक संभावित युद्धक्षेत्रों का अध्ययन किया जाएगा।
इसके अलावा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्वायत्त प्रणालियां, रोबोटिक्स, निर्देशित ऊर्जा और बायोटेक्नोलॉजी जैसी तकनीकों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। टीम भविष्य के सैनिकों के लिए आवश्यक हथियारों और सैन्य प्रणालियों के साथ उनके विकास, परीक्षण और तैनाती से जुड़े विकल्पों का भी अध्ययन करेगी।
मस्क और पामर लकी का रक्षा क्षेत्र में पहले से जुड़ाव
प्रोजेक्ट की निगरानी पेंटागन के चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर एमिल माइकल करेंगे। उनके साथ सरकार, उद्योग, अकादमिक क्षेत्र और नीति विशेषज्ञों की टीम भी काम करेगी।
एलन मस्क और पामर लकी की भागीदारी इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि उनकी कंपनियां पहले से अमेरिकी रक्षा क्षेत्र से जुड़ी हैं। स्पेसएक्स अमेरिकी सरकार के लिए सैटेलाइट लॉन्च और राष्ट्रीय सुरक्षा मिशनों में काम करती है, जबकि एंड्यूरिल स्वायत्त सैन्य प्रणालियों और ड्रोन जैसी रक्षा तकनीकों पर काम करती है।
120 दिनों में रिपोर्ट तैयार करने का लक्ष्य
प्रोजेक्ट मेरिडियन को अपनी रिपोर्ट तैयार करने के लिए 120 दिन का समय दिया गया है। रिपोर्ट का एक हिस्सा सार्वजनिक किया जाएगा, जबकि कुछ निष्कर्षों को वर्गीकृत परिशिष्ट में रखा जाएगा।
इस पहल के जरिए अमेरिकी रक्षा विभाग भविष्य की सैन्य जरूरतों का पहले से आकलन कर नई तकनीकों के विकास और तैनाती की दिशा तय करना चाहता है।
स्वायत्त युद्ध तकनीक पर भी बढ़ता फोकस
प्रोजेक्ट मेरिडियन के साथ अमेरिकी रक्षा विभाग ने Autonomous Warfare Command स्थापित करने की योजना की भी घोषणा की है। इसका उद्देश्य ड्रोन, रोबोट और अन्य स्वायत्त सैन्य प्रणालियों के विकास और इस्तेमाल को तेज करना है।
इस पूरी पहल से यह स्पष्ट होता है कि अमेरिका अपनी भविष्य की सैन्य तैयारियों में मानव रहित प्रणालियों, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और उन्नत तकनीकों की भूमिका को लेकर व्यापक अध्ययन कर रहा है। हालांकि, प्रोजेक्ट के अंतिम निष्कर्ष और सिफारिशें 120 दिन की समीक्षा पूरी होने के बाद सामने आएंगी।




