
67,929.40 हेक्टेयर रकबे में धान की खेती दर्ज, किसानों की सुविधा के लिए बनाए गए 7 नए खरीदी केंद्र
अम्बिकापुर। सरगुजा जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के तहत धान खरीदी की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। आगामी 15 नवंबर से शुरू होने वाली धान खरीदी को लेकर प्रशासन द्वारा जिले के सभी उपार्जन केंद्रों में आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए पेयजल, बैठने हेतु छाया, साफ-सफाई सहित अन्य बुनियादी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
जिले में इस वर्ष कुल 62 हजार 471 किसानों ने धान विक्रय के लिए पंजीयन कराया है। इन किसानों का कुल पंजीकृत रकबा 67 हजार 929.40 हेक्टेयर है। किसानों की बढ़ती सुविधा और खरीदी प्रक्रिया को सुगम बनाने के उद्देश्य से जिले में पूर्व से संचालित 54 उपार्जन केंद्रों के अतिरिक्त 7 नए केंद्र प्रारंभ किए गए हैं। इस तरह अब जिले में धान खरीदी केंद्रों की संख्या बढ़कर 61 हो गई है।
नए केंद्र खुलने से किसानों को मिलेगी राहत
राज्य शासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नए उपार्जन केंद्रों की स्थापना की गई है। इससे किसानों को धान बेचने के लिए दूर स्थित केंद्रों तक नहीं जाना पड़ेगा। परिवहन में लगने वाले समय और खर्च में कमी आने के साथ ही धान विक्रय की प्रक्रिया भी अधिक सुविधाजनक होगी।
दरिमा उपार्जन केंद्र में तैयारियां अंतिम चरण में
जिले के दरिमा धान उपार्जन केंद्र में भी खरीदी शुरू होने से पहले सभी आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। धान उपार्जन समिति के सत्यम कुमार ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार 15 नवंबर से धान खरीदी प्रारंभ होनी है। इसके लिए केंद्र परिसर की साफ-सफाई, पेयजल और किसानों के बैठने के लिए छायादार स्थान सहित अन्य व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।
उन्होंने बताया कि दरिमा समिति में लगभग 885 किसान पंजीकृत हैं। किसानों को धान विक्रय के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। खरीदी शुरू होने से पहले शेष व्यवस्थाएं भी पूरी कर ली जाएंगी।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य शासन किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने और धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी एवं सुविधाजनक बनाने के लिए प्रयासरत है। सरगुजा जिले में उपार्जन केंद्रों की संख्या बढ़ाने और वहां बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की पहल से किसानों को धान विक्रय में सहूलियत मिलने की उम्मीद है।




