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खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए दो वर्ष का रोडमैप तैयार होगा, बस्तर को मिलेगी सर्वोच्च प्राथमिकता

रायपुर । राज्यपाल रमेन डेका ने जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) की राशि का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के लिए कम से कम दो वर्ष का रोडमैप तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि खनन प्रभावित क्षेत्रों के समग्र विकास, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय निवासियों के जीवन स्तर में सुधार को प्राथमिकता दी जाए।

लोक भवन में आयोजित बैठक में राज्यपाल ने कहा कि डीएमएफ की राशि से प्रदूषण नियंत्रण, शिक्षा, स्वास्थ्य और अधोसंरचना विकास के कार्य किए जाएं। पर्यावरण संरक्षण के लिए पर्यावरणविदों का सहयोग लिया जाए तथा उद्योगों को पर्यावरणीय मानकों का पालन सुनिश्चित कराया जाए।

उन्होंने नदियों से रेत उत्खनन में वैज्ञानिक एवं पर्यावरण अनुकूल तरीकों को अपनाने पर जोर देते हुए कहा कि रेत और जल संरक्षण एक-दूसरे के पूरक हैं।

राज्यपाल ने कलेक्टरों को आम जनता से संवाद कर उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप डीएमएफ की कार्ययोजना तैयार करने तथा जनप्रतिनिधियों को भी विकास कार्यों से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने खनन प्रभावित क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास योजना सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने को कहा।

बस्तर के विकास पर विशेष जोर

राज्यपाल ने बस्तर क्षेत्र में डीएमएफ के माध्यम से विकास कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। मुख्यधारा में लौटे लोगों के पुनर्वास, सामाजिक सुरक्षा और जीवन स्तर में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाने पर भी जोर दिया।

विशेष पिछड़ी जनजातियों के स्वास्थ्य पर ध्यान

उन्होंने विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने, स्वास्थ्य एवं जीवनशैली संबंधी जागरूकता कार्यक्रम चलाने तथा बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

इसके अलावा डीएमएफ के कार्यों में मनरेगा की तर्ज पर स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण और उनका भौतिक सत्यापन सुनिश्चित करने को कहा। विस्थापित परिवारों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने पर भी विशेष जोर दिया।

बैठक में खनिज विभाग के सचिव पी. दयानंद ने डीएमएफ की गतिविधियों एवं कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि डीएमएफ पोर्टल 2.0 के माध्यम से परियोजनाओं की स्थिति और प्रगति की निगरानी की जा रही है।

इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, खनिज विभाग के अधिकारी तथा खनन प्रभावित जिलों के कलेक्टर उपस्थित रहे।

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