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करम परब में जनजातीय संस्कृति की दिखी अनूठी छटा, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मांदर की थाप पर थिरके; विकास कार्यों के लिए दी 70 लाख की सौगात

बनगांव में आंचलिक करम पूजा महोत्सव का समापन, 6 हजार से अधिक लोगों ने पारंपरिक नृत्य में लिया हिस्सा; अखड़ा और मिनी स्टेडियम निर्माण की भी घोषणा

रायपुर । मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जशपुर जिले के फरसाबहार विकासखंड के ग्राम बनगांव में आयोजित आंचलिक करम पूजा महोत्सव 2026 के समापन समारोह में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने करम राजा की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। महोत्सव में जनजातीय संस्कृति, परंपरा और लोककला का शानदार संगम देखने को मिला। मुख्यमंत्री भी मांदर की थाप पर नर्तक दलों के साथ पारंपरिक नृत्य करते नजर आए।

महोत्सव में जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से पहुंचे नर्तक दलों और उरांव समाज के 6 हजार से अधिक लोगों ने पारंपरिक वेशभूषा में करम राजा के चारों ओर सामूहिक नृत्य किया। ढोल-नगाड़ों और मांदर की गूंज से पूरा आयोजन स्थल उत्सव के रंग में रंगा रहा। मुख्यमंत्री ने कलाकारों का उत्साह बढ़ाया और सभी को करम परब की शुभकामनाएं दीं।

बनगांव को 70 लाख रुपये के विकास कार्यों की सौगात

मुख्यमंत्री साय ने क्षेत्र के विकास के लिए कई घोषणाएं कीं। उन्होंने ग्राम बनगांव में सामाजिक भवन निर्माण के लिए 50 लाख रुपये और सीसी रोड निर्माण के लिए 20 लाख रुपये देने की घोषणा की। इसके साथ ही बनगांव में अखड़ा और सहसपुर में मिनी स्टेडियम बनाने की भी घोषणा की।

करम परब प्रकृति के प्रति आस्था और सम्मान का प्रतीक

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि करम परब जनजातीय समाज की समृद्ध संस्कृति, गौरवशाली परंपराओं और पूर्वजों की अमूल्य विरासत का प्रतीक है। यह पर्व प्रकृति के प्रति प्रेम, आस्था और सम्मान की भावना को दर्शाता है। हमारे पूर्वजों ने प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाकर जीवन जीने की जो परंपरा विकसित की, वह आज भी समाज के लिए प्रेरणादायी है।

उन्होंने कहा कि करम परब प्रकृति संरक्षण, सामाजिक एकता, भाईचारे और सामूहिक जीवन के मूल्यों का संदेश देता है। छत्तीसगढ़ की पहचान यहां की जनजातीय संस्कृति, लोकपर्वों, लोककलाओं और प्रकृति से गहरे जुड़ाव में है। इस विरासत को सहेजना और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना सभी की जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री ने युवाओं से आधुनिक शिक्षा और विकास के साथ अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी अपनी भाषा, लोकगीतों, लोकनृत्यों, रीति-रिवाजों और पारंपरिक पर्वों को अपनाए रखे, ताकि हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत सुरक्षित रह सके।

जनजातीय वीर नायकों का योगदान देश का गौरव

मुख्यमंत्री साय ने जनजातीय समाज के ऐतिहासिक योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि देश के स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय वीर नायकों की भूमिका अतुलनीय रही है। रानी दुर्गावती, भगवान बिरसा मुंडा, शहीद वीर नारायण सिंह, गुंडाधुर, गेंद सिंह और वीर बुधु भगत जैसे महान नायकों ने अपने साहस, संघर्ष और बलिदान से इतिहास में अमिट स्थान बनाया।

उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा ने कम उम्र में अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ ऐतिहासिक संघर्ष किया। वहीं वीर नारायण सिंह ने अकाल और भुखमरी से परेशान लोगों की मदद के लिए अनाज जरूरतमंदों तक पहुंचाया और इसके लिए अंग्रेजी शासन के अत्याचारों का सामना किया। इन वीर नायकों का जीवन साहस, त्याग और समाज के प्रति समर्पण की प्रेरणा देता है।

सरकार की योजनाओं से हर वर्ग को लाभ पहुंचाने का प्रयास

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में राज्य सरकार माताओं-बहनों, किसानों, गरीबों, श्रमिकों और जरूरतमंद परिवारों के कल्याण के लिए काम कर रही है। सरकार मोदी की गारंटी के तहत किए गए वादों को प्राथमिकता से पूरा कर रही है।

उन्होंने महतारी वंदन योजना, किसानों से धान खरीदी, भूमिहीन कृषि मजदूरों को आर्थिक सहायता और प्रधानमंत्री आवास योजना का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रदेश में किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जा रहा है। भूमिहीन कृषि मजदूरों को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रतिदिन लगभग 1,600 पक्के मकान तैयार हो रहे हैं।

उन्होंने बताया कि श्री रामलला दर्शन योजना के माध्यम से अब तक 50 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या में दर्शन कर चुके हैं। वहीं मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के जरिए पात्र हितग्राहियों और वरिष्ठ नागरिकों को प्रमुख तीर्थस्थलों की यात्रा का अवसर दिया जा रहा है।

नक्सलवाद के खिलाफ सफलता से बस्तर में विकास की नई उम्मीद

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में नक्सलवाद के उन्मूलन की दिशा में महत्वपूर्ण सफलताएं मिली हैं। सुरक्षा बलों के साहस और बस्तरवासियों के सहयोग से क्षेत्र शांति, विश्वास और विकास के नए दौर की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि शांति और सुरक्षा का मजबूत माहौल दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों में विकास की नई संभावनाएं खोल रहा है।

शिक्षा, स्वास्थ्य और खेल सुविधाओं से आगे बढ़ रहा जशपुर

मुख्यमंत्री ने कहा कि जशपुर जिले के सर्वांगीण विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। जिले में मेडिकल की पढ़ाई शुरू हो चुकी है। खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और आर्चरी अकादमी विकसित की जा रही है।

उन्होंने बताया कि कुनकुरी विकासखंड के हर्राडांड़ में राज्य का पांचवां 400 केवी विद्युत सब स्टेशन स्थापित किया जा रहा है। इससे क्षेत्र की बिजली व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इसके अलावा सड़कों, पुल-पुलियों, सिंचाई और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर भी काम किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य जशपुर के प्रत्येक गांव और अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना है। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, खेल और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के साथ जनजातीय संस्कृति का संरक्षण भी सरकार की प्राथमिकता है।

कार्यक्रम में जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार, महोत्सव अध्यक्ष वेद प्रकाश भगत, कार्यकारी अध्यक्ष बलराम भगत सहित जनप्रतिनिधि, उरांव समाज के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

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