Agniveer Scheme: अग्निवीरों को मिलेगी 2 साल की अतिरिक्त नौकरी, कैबिनेट ने दी मंजूरी

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने अग्निवीरों की सेवा अवधि को लेकर नई व्यवस्था को मंजूरी दी है। इसके तहत चार साल का शुरुआती कार्यकाल पूरा करने वाले अग्निवीरों को दो साल का अतिरिक्त सेवा अवसर मिल सकेगा। इस फैसले से उन अग्निवीरों को राहत मिलेगी, जो शुरुआती चार साल की सेवा के बाद नियमित सेना में चयनित नहीं हो पाते हैं।
दिल्ली में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि नई व्यवस्था के तहत अतिरिक्त दो साल की सेवा पूरी करने के बाद अग्निवीरों को नियमित सशस्त्र बलों में शामिल होने का अवसर भी मिल सकता है। हालांकि, इसके लिए उन्हें निर्धारित वस्तुनिष्ठ चयन प्रक्रिया और पात्रता मानदंडों को पूरा करना होगा।
कैबिनेट ने अग्निवीरों के लिए बनाई नई व्यवस्था
अग्निपथ योजना की शुरुआत 14 जून 2022 को हुई थी। योजना के तहत भर्ती होने वाले युवाओं को चार साल तक सेना में सेवा का अवसर दिया जाता है। इस दौरान उनके प्रदर्शन और कार्यक्षमता का लगातार मूल्यांकन किया जाता है।
CDS के मुताबिक, पहले बैच के अग्निवीरों का चार साल का कार्यकाल पूरा होने के करीब है। इस दौरान मिले फीडबैक और प्रदर्शन के आकलन के आधार पर कैबिनेट ने अतिरिक्त सेवा से जुड़ी नई व्यवस्था को मंजूरी दी है।
75 प्रतिशत अग्निवीरों को मिलेगा अतिरिक्त सेवा का अवसर
अग्निपथ योजना के मौजूदा प्रावधानों के तहत चार साल की सेवा पूरी करने के बाद अधिकतम 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित कैडर में शामिल किया जा सकता है। बाकी 75 प्रतिशत अग्निवीरों को सेवा से मुक्त किया जाता है।
नई व्यवस्था के तहत नियमित सेना में जगह नहीं पाने वाले अग्निवीरों को दो साल और सेवा करने का अवसर मिलेगा। इससे उनका कुल सेवा कार्यकाल छह साल तक हो सकेगा। हालांकि, यह अवसर निर्धारित पात्रता और नई व्यवस्था की शर्तों के अनुसार मिलेगा।
छह साल की सेवा के बाद भी नियमित भर्ती का मौका
नई व्यवस्था का एक अहम पहलू यह है कि अतिरिक्त दो साल की सेवा पूरी करने के बाद नियमित सेना में शामिल होने के इच्छुक अग्निवीरों को चयन प्रक्रिया में भाग लेने का अवसर मिलेगा। इसके लिए उन्हें निर्धारित वस्तुनिष्ठ मानदंडों पर खरा उतरना होगा। अंतिम चयन सेना की जरूरतों और तय नियमों के आधार पर किया जाएगा।
राजनाथ सिंह ने फैसले को बताया सैन्य सुधारों का हिस्सा
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने अग्निपथ योजना के तहत अग्निवीरों के लिए दो साल के दूसरे सेवा कार्यकाल को मंजूरी दी है।
उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से चार या छह साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद नियमित सैनिक बनने के इच्छुक अग्निवीरों को अवसर मिल सकेगा। रक्षा मंत्री के मुताबिक, इसका उद्देश्य भारतीय सशस्त्र बलों को युवा, फिट और तकनीकी रूप से सक्षम बनाना है, ताकि वे भविष्य की सैन्य चुनौतियों के लिए तैयार रह सकें।
नवंबर-दिसंबर 2026 में पूरा होगा पहले बैच का कार्यकाल
अग्निपथ योजना के तहत भर्ती हुए पहले बैच के अग्निवीरों का चार साल का कार्यकाल नवंबर और दिसंबर 2026 में पूरा होने वाला है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, नौसेना के पहले बैच का कार्यकाल 21 नवंबर, वायुसेना का 21 दिसंबर और थल सेना का 31 दिसंबर को पूरा होगा।
क्या है अग्निपथ योजना का मौजूदा नियम?
केंद्र सरकार ने 14 जून 2022 को अग्निपथ योजना शुरू की थी। इसके तहत थल सेना, नौसेना और वायुसेना में अग्निवीरों की भर्ती चार साल के लिए की जाती है। प्रशिक्षण की अवधि भी इसी चार साल में शामिल होती है।
मौजूदा प्रावधानों के अनुसार, चार साल की सेवा पूरी होने के बाद अधिकतम 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित कैडर में शामिल किया जा सकता है। इनका चयन प्रदर्शन, पात्रता और सेना की जरूरतों के आधार पर होता है।
बाकी अग्निवीरों को सेवा से मुक्त किया जाता है। उन्हें करीब 11.71 लाख रुपये का सेवा निधि पैकेज दिया जाता है। हालांकि, सेवा से मुक्त होने वाले अग्निवीरों को नियमित पेंशन और ग्रेच्युटी का लाभ नहीं मिलता। अब प्रस्तावित अतिरिक्त सेवा व्यवस्था के तहत पात्र अग्निवीरों को छह साल तक सशस्त्र बलों में सेवा देने का अवसर मिल सकेगा।




