
नई दिल्ली: सोना-चांदी खरीदने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए बड़ी खबर है। सर्राफा बाजार में शुक्रवार को चांदी की कीमतों में जोरदार गिरावट देखने को मिली। चांदी एक ही दिन में 8,300 रुपये प्रति किलो सस्ती हो गई। इसके साथ ही इसका भाव गिरकर 1,90,200 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया, जो पिछले करीब 11 महीनों का निचला स्तर है। चांदी के साथ सोने की कीमतों में भी गिरावट दर्ज की गई।
ऑल इंडिया सराफा एसोसिएशन के आंकड़ों के मुताबिक, 99.9 फीसदी शुद्धता वाले सोने का भाव 1,300 रुपये टूटकर 1,45,200 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया। इससे पहले गुरुवार को सोना 1,46,500 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। बाजार में आई इस गिरावट के पीछे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कीमती धातुओं की कमजोर कीमतों और निवेशकों की मुनाफावसूली को प्रमुख वजह माना जा रहा है।
11 महीने के निचले स्तर पर पहुंची चांदी
चांदी की कीमतों में आई गिरावट ने बाजार को चौंका दिया है। शुक्रवार को सफेद धातु का भाव 1,98,500 रुपये प्रति किलो से घटकर 1,90,200 रुपये रह गया। यानी एक दिन में 8,300 रुपये की कमी आई।
इससे पहले चांदी आखिरी बार 10 दिसंबर 2025 के आसपास इस स्तर पर कारोबार करती दिखाई दी थी। उस समय इसका भाव करीब 1.92 लाख रुपये प्रति किलोग्राम था। लगातार ऊंचे स्तर पर कारोबार कर रही चांदी में आई इस गिरावट से खरीदारों और निवेशकों दोनों की नजरें अब बाजार पर टिक गई हैं।
आखिर क्यों अचानक टूटे सोने-चांदी के दाम?
कीमती धातुओं की कीमतों में गिरावट की सबसे बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में आई बिकवाली है। वैश्विक बाजार में हाजिर सोना 4,000 डॉलर प्रति औंस के अहम स्तर से नीचे आ गया। इसकी कीमत 53.15 डॉलर यानी 1.32 फीसदी गिरकर 3,968.24 डॉलर प्रति औंस रह गई।
वहीं चांदी की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में करीब 4 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई और इसका भाव 50.12 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। विदेशी बाजारों में आई इस कमजोरी का असर भारतीय सर्राफा बाजार पर भी पड़ा। निवेशकों की ओर से मुनाफावसूली किए जाने से कीमतों पर दबाव और बढ़ गया।
सोने की कीमतों में भी आई गिरावट
चांदी ही नहीं, सोना खरीदने वालों को भी कीमतों में कमी देखने को मिली है। शुक्रवार को 99.9 फीसदी शुद्धता वाला सोना 1,300 रुपये सस्ता होकर 1,45,200 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया।
गुरुवार को इसका भाव 1,46,500 रुपये प्रति 10 ग्राम था। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में कमजोरी और निवेशकों की बिकवाली का असर घरेलू बाजार में भी साफ दिखाई दिया।
क्या आगे भी सस्ता होगा सोना-चांदी?
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों में और गिरावट देखने को मिलेगी? बाजार के जानकारों के मुताबिक, इसका काफी हद तक निर्भरता अंतरराष्ट्रीय बाजार की चाल पर होगी।
अगर वैश्विक बाजार में बिकवाली जारी रहती है तो सोने-चांदी की कीमतों पर दबाव बना रह सकता है। वहीं अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों में सुधार आने पर कीमतों में दोबारा तेजी भी देखने को मिल सकती है।
ऐसे में सोना-चांदी खरीदने या निवेश करने की योजना बना रहे लोगों को बाजार के उतार-चढ़ाव पर नजर रखनी चाहिए।




