
रायपुर। देश के किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और कृषि क्षेत्र को नई मजबूती देने के उद्देश्य से केंद्र एवं छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा कई महत्वपूर्ण पहल की जा रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संचालित प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना किसानों के लिए आर्थिक सहारा बनकर उभरी है। इस योजना के माध्यम से किसानों को खेती-किसानी की छोटी-बड़ी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल रही है।
राजधानी रायपुर में आयोजित पीएम किसान उत्सव दिवस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि देश की खुशहाली का रास्ता खेतों और किसानों से होकर गुजरता है। किसान जितना मजबूत होगा, गांवों की अर्थव्यवस्था उतनी ही सशक्त होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों की जरूरतों को समझते हुए ऐसी योजनाएं शुरू की हैं, जिनका लाभ सीधे उनके बैंक खातों तक पहुंच रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त के तहत छत्तीसगढ़ के 24 लाख 59 हजार 707 किसानों को 498 करोड़ 48 लाख रुपये की सहायता मिली है। प्रदेश के किसानों को योजना के प्रारंभ से अब तक 11 हजार 776 करोड़ 50 लाख रुपये से अधिक की राशि प्राप्त हो चुकी है। प्रत्यक्ष लाभ अंतरण व्यवस्था से किसानों को बिना किसी बिचौलिए के आर्थिक सहायता मिल रही है।
उन्होंने कहा कि छोटे और सीमांत किसानों के लिए यह राशि खेती की तैयारियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। बीज, खाद और अन्य कृषि सामग्री की जरूरतों को पूरा करने में किसानों को सहूलियत मिलती है।
किसानों की मेहनत का उचित मूल्य देना सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की उपज का बेहतर मूल्य दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू की जाएगी। प्रदेश में किसानों से 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से अधिकतम 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदा जाएगा। इसके साथ ही 360 नए उपार्जन केंद्र शुरू किए जा रहे हैं, जिससे किसानों को नजदीक में ही धान बेचने की सुविधा मिलेगी।
आपदा प्रभावित किसानों को मिलेगा सहयोग
मुख्यमंत्री ने प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को राहत देने की प्रतिबद्धता दोहराई। चक्रवात अर्नब से फसलों को हुए नुकसान का आकलन करने के लिए जिला प्रशासन को सर्वेक्षण के निर्देश दिए गए हैं। प्रभावित किसानों को आरबीसी 6-4 के प्रावधानों के अनुसार सहायता उपलब्ध कराने की बात कही गई है।
खेती को लाभकारी बनाने पर विशेष ध्यान
राज्य सरकार सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, आधुनिक कृषि तकनीक और फसल विविधीकरण को बढ़ावा दे रही है। जैविक खेती, प्राकृतिक खेती, उद्यानिकी, पशुपालन तथा मत्स्यपालन जैसी गतिविधियों के माध्यम से किसानों के लिए अतिरिक्त आय के अवसर तैयार किए जा रहे हैं। सरकार का उद्देश्य खेती को केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि समृद्धि और स्वरोजगार का मजबूत आधार बनाना है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि किसान विकसित भारत की सबसे मजबूत आधारशिला हैं। किसानों की आय में वृद्धि, कृषि लागत में कमी और आधुनिक अनुसंधान को खेतों तक पहुंचाना केंद्र सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कृषि बजट में हुई वृद्धि को कृषि क्षेत्र के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
कार्यक्रम में राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के साथ-साथ भूमिहीन कृषि मजदूरों के कल्याण के लिए भी कार्य कर रही है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के माध्यम से पात्र परिवारों को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है।
कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहब ने कहा कि केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से हितग्राहियों तक पहुंच रहा है। फसल विविधीकरण और आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाकर किसान अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं।
कार्यक्रम में कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि, कृषि विशेषज्ञ, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल तथा बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।




