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अहिवारा विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा का निधन, 78 साल की उम्र में हैदराबाद में ली अंतिम सांस

शिक्षक से विधायक तक का रहा सफर, 2008 में बने थे अहिवारा के पहले विधायक; 2023 में दूसरी बार हासिल की थी विधानसभा की जीत

रायपुर/दुर्ग। छत्तीसगढ़ के राजनीतिक जगत से दुखद खबर सामने आई है। दुर्ग जिले की अहिवारा विधानसभा सीट से भाजपा विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा का 78 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने शुक्रवार, 30 अक्टूबर को हैदराबाद के यशोदा अस्पताल में उपचार के दौरान अंतिम सांस ली। वे लंबे समय से फेफड़ों की बीमारी से जूझ रहे थे। उनके निधन की खबर से भाजपा संगठन, अहिवारा विधानसभा क्षेत्र और प्रदेश के राजनीतिक एवं सामाजिक हलकों में शोक का माहौल है।

शिक्षक के रूप में शुरू हुआ था सार्वजनिक जीवन

डोमनलाल कोर्सेवाड़ा का जन्म 12 अगस्त 1948 को हुआ था। उनका सार्वजनिक जीवन शिक्षा के क्षेत्र से शुरू हुआ। उन्होंने लंबे समय तक शिक्षक के रूप में सेवाएं दीं। राजनीति में सक्रिय होने के बाद भी शिक्षा और सामाजिक गतिविधियों से उनका जुड़ाव बना रहा। उन्होंने पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर से राजनीति विज्ञान में एमए की डिग्री हासिल की थी। इसके साथ ही वे बीएड भी थे।

अहिवारा के पहले विधायक बनने का मिला था अवसर

वर्ष 2008 में परिसीमन के बाद अहिवारा विधानसभा सीट अस्तित्व में आई। अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित इस सीट से भाजपा ने डोमनलाल कोर्सेवाड़ा को प्रत्याशी बनाया। उन्होंने चुनाव जीतकर अहिवारा के पहले विधायक बनने का गौरव हासिल किया। इसके बाद क्षेत्र में उनकी राजनीतिक पहचान मजबूत हुई।

वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने एक बार फिर उन्हें चुनाव मैदान में उतारा। इस चुनाव में जीत दर्ज कर उन्होंने दूसरी बार विधानसभा में प्रवेश किया। 75 वर्ष की उम्र में विधायक निर्वाचित होने के कारण वे छत्तीसगढ़ की छठवीं विधानसभा के सबसे उम्रदराज सदस्यों में शामिल रहे।

सामाजिक गतिविधियों में भी रही सक्रिय भूमिका

राजनीतिक जीवन के अलावा कोर्सेवाड़ा सतनामी समाज और विभिन्न सामाजिक संगठनों से भी जुड़े रहे। शिक्षा, कृषि और सामाजिक क्षेत्र में उनकी रुचि रही। क्षेत्र के लोगों के बीच वे एक वरिष्ठ जनप्रतिनिधि के रूप में पहचाने जाते थे। उनका राजनीतिक सफर शिक्षक से जनप्रतिनिधि बनने तक का रहा।

पैतृक गांव में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार

विधायक के निधन के बाद उनका पार्थिव शरीर 31 अक्टूबर को विमान से रायपुर लाया गया। इसके बाद भिलाई-3 और दुर्ग में अंतिम दर्शन एवं श्रद्धांजलि के कार्यक्रम रखे गए। उनका पार्थिव शरीर बालोद जिले के गुंडरदेही विकासखंड स्थित पैतृक गांव भेण्ड्रा ले जाया गया, जहां राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार निर्धारित किया गया।

उनके निधन पर भाजपा नेताओं, जनप्रतिनिधियों, पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने शोक व्यक्त किया है। अहिवारा विधानसभा क्षेत्र ने अपना वरिष्ठ जनप्रतिनिधि खो दिया है। उनके निधन से क्षेत्र की राजनीति और सामाजिक जीवन में एक रिक्तता पैदा हुई है।

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