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दिल्ली में विपक्ष की महारैली से CJP बनाएगी दूरी या होगी शामिल? अभिजीत दिपके के रुख पर सस्पेंस बरकरार

नई दिल्ली: दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को होने वाली विपक्षी इंडिया गठबंधन की महारैली को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस समेत गठबंधन के कई दल इस रैली को सफल बनाने की तैयारियों में जुटे हैं। हालांकि, इस बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की भागीदारी को लेकर असमंजस बना हुआ है। पार्टी प्रमुख अभिजीत दिपके की ओर से रैली में शामिल होने को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं की गई है।

इस महारैली में कथित चुनावी अनियमितताओं और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष अपनी आवाज बुलंद करने की तैयारी में है। रैली में बड़ी संख्या में लोगों के जुटने का दावा किया जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, करीब 20 हजार वाहनों के पहुंचने और 10 लाख लोगों के शामिल होने की उम्मीद जताई गई है।

खरगे के बयान के बाद बढ़ा CJP की भागीदारी पर सस्पेंस

CJP की संभावित गैरमौजूदगी को लेकर चर्चा उस समय तेज हुई, जब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बेंगलुरु में एक सवाल के जवाब में कहा था कि कॉकरोच जनता पार्टी इस महारैली में शामिल नहीं होगी।

इसके बाद से अभिजीत दिपके की ओर से भी रैली में भागीदारी को लेकर कोई स्पष्ट घोषणा सामने नहीं आई। पार्टी के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी समर्थकों को दिल्ली पहुंचने की कोई बड़ी अपील नजर नहीं आई। हालांकि, कुछ रिपोर्ट्स में कांग्रेस और अभिजीत दिपके की पार्टी के बीच संपर्क होने की बात कही गई है।

महारैली को CJP का समर्थन, दिपके ने दिया बड़ा बयान

दूसरी तरफ, टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि CJP ने इंडिया गठबंधन की इस महारैली का समर्थन किया है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने चुनावी प्रक्रिया और लोकतंत्र को लेकर अपनी प्रतिक्रिया भी दी है।

दिपके ने कहा कि लोकतंत्र का बुनियादी सिद्धांत यह है कि जनता अपनी सरकार चुनती है, न कि सरकार यह तय करे कि कौन उसका मतदाता होगा। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव सुनिश्चित करने के लिए जरूरी भरोसा खोने का आरोप लगाया।

उन्होंने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर का जिक्र करते हुए मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि लोकतंत्र का उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा नागरिकों को चुनावी प्रक्रिया से जोड़ना होना चाहिए, न कि उन्हें इससे बाहर करना।

SIR और मतदाता सूची को लेकर विपक्ष का चुनाव आयोग पर निशाना

बुधवार को दिल्ली में इंडिया गठबंधन के नेताओं ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर भी सवाल उठाए। विपक्षी दलों का आरोप है कि इस प्रक्रिया से गरीब मजदूरों, किरायेदारों और अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा है।

विपक्ष ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा उठाते हुए बैलेट पेपर से चुनाव कराने की व्यवस्था फिर शुरू करने की मांग भी की है।

क्या महारैली में दिखेगी CJP की मौजूदगी?

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि अभिजीत दिपके की अगुवाई वाली कॉकरोच जनता पार्टी 1 नवंबर की महारैली में सीधे तौर पर शामिल होगी या केवल मुद्दे का समर्थन करेगी। एक तरफ कांग्रेस की ओर से उसकी गैरमौजूदगी का संकेत दिया गया है, तो दूसरी तरफ मीडिया रिपोर्ट्स में पार्टी के समर्थन की बात कही जा रही है।

ऐसे में CJP की अंतिम भूमिका को लेकर तस्वीर अभी पूरी तरह साफ नहीं है। महारैली के दिन पार्टी की मौजूदगी पर सबकी नजरें टिकी रहेंगी।

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