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रायपुर में आज फेफड़ों के कैंसर की सटीक जांच पर राज्यस्तरीय कार्यशाला, लिक्विड बायोप्सी और आधुनिक तकनीकों पर होगा मंथन

रायपुर । क्षेत्रीय कैंसर संस्थान (RCC), रायपुर में 10 अक्टूबर को फेफड़ों के कैंसर की शुरुआती पहचान, सटीक निदान और आधुनिक उपचार पद्धतियों पर राज्यस्तरीय कार्यशाला आयोजित की जाएगी। “प्रिसिजन ऑन्कोलॉजी इन लंग डायग्नोसिस एंड मैनेजमेंट” नाम से होने वाले इस कार्यक्रम में लिक्विड बायोप्सी और लंग कैंसर स्क्रीनिंग पर विशेष चर्चा होगी। कार्यशाला का आयोजन दोपहर 1:30 बजे से शाम 6 बजे तक किया जाएगा।

शुरुआती पहचान और सही समय पर रेफरल पर रहेगा जोर

“यू सी देम फर्स्ट, मेक दैट फर्स्ट लुक काउंट” ध्येय वाक्य के साथ आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य कैंसर विशेषज्ञों, पल्मोनोलॉजिस्ट, चेस्ट फिजिशियन और अन्य संबंधित चिकित्सकों को फेफड़ों के कैंसर की शुरुआती पहचान तथा आधुनिक मॉलिक्यूलर जांचों के बारे में प्रशिक्षित करना है।

विशेषज्ञों के अनुसार, फेफड़ों के कैंसर से आशंकित मरीज अक्सर कैंसर केंद्र पहुंचने से पहले सामान्य चिकित्सकों या चेस्ट विशेषज्ञों से परामर्श लेते हैं। ऐसे में शुरुआती जांच के दौरान संदिग्ध मामलों की सही पहचान और समय पर विशेषज्ञ केंद्र में रेफरल मरीज के उपचार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाता है।

लिक्विड बायोप्सी और आधुनिक जांच तकनीकों पर चर्चा

कार्यशाला में फेफड़ों के कैंसर की स्क्रीनिंग के लिए लो-डोज सीटी (LDCT) की उपयोगिता, जांच में सामने आने वाले आकस्मिक निष्कर्षों का आकलन और संदिग्ध मामलों की पहचान जैसे विषयों पर चर्चा होगी।

इसके साथ ही इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी की मदद से बायोप्सी के दौरान पर्याप्त टिश्यू सैंपल प्राप्त करने और सैंपल की गुणवत्ता बनाए रखने पर भी विशेषज्ञ अपने विचार साझा करेंगे।

कार्यक्रम में नॉन-स्मॉल सेल लंग कैंसर (NSCLC) में लिक्विड बायोप्सी की भूमिका, नेक्स्ट-जनरेशन सीक्वेंसिंग (NGS) रिपोर्ट का विश्लेषण और कैंसर से जुड़े विशिष्ट जीन म्यूटेशन के आधार पर उपचार चुनने जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर भी विचार-विमर्श होगा। केस स्टडी और पैनल डिस्कशन के जरिए वास्तविक मरीजों से जुड़े मामलों पर चर्चा की जाएगी।

देश के प्रतिष्ठित संस्थानों के विशेषज्ञ देंगे व्याख्यान

कार्यशाला में देश के विभिन्न प्रतिष्ठित कैंसर और चिकित्सा संस्थानों से जुड़े विशेषज्ञ प्रशिक्षण एवं व्याख्यान देंगे। इनमें मुंबई स्थित एक्ट्रेक के कंसल्टेंट मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट एवं असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. आदित्य धनावत, नई दिल्ली के आरजीसीआई के इंटरवेंशनल रेडियोलॉजिस्ट डॉ. भरत गुप्ता, हैदराबाद के बासवतारकम इंडो अमेरिकन कैंसर हॉस्पिटल की ऑन्कोपैथोलॉजिस्ट डॉ. डैफने फोंसेका तथा नई दिल्ली के आर्मी हॉस्पिटल के मॉलिक्यूलर बायोलॉजिस्ट एवं NGS विशेषज्ञ डॉ. समीर अग्रवाल शामिल हैं।

आयोजन समिति में ये चिकित्सक शामिल

कार्यशाला के मुख्य संरक्षक क्षेत्रीय कैंसर संस्थान, रायपुर के डीन एवं डायरेक्टर डॉ. विवेक चौधरी हैं। कार्यक्रम की डायरेक्टर एवं चेयरपर्सन डॉ. मंजुला बेक, आयोजन सचिव डॉ. प्रदीप चंद्राकर और कोषाध्यक्ष डॉ. राजीव जैन हैं।

आयोजन समिति के कार्यकारी सदस्यों में डॉ. दिव्या रेक्स फ्रांसिस, डॉ. उमेश देवांगन, डॉ. दीपिका नगेसिया, डॉ. निवेदिता वर्मा और डॉ. प्रभाकर गुप्ता शामिल हैं।

कार्यक्रम में ऑन्कोपैथोलॉजिस्ट, कैंसर विशेषज्ञ, रेडियोलॉजिस्ट, पल्मोनोलॉजिस्ट और चेस्ट फिजिशियन सहित विभिन्न चिकित्सा क्षेत्रों के विशेषज्ञ भाग लेंगे। कार्यशाला का प्रमुख उद्देश्य फेफड़ों के कैंसर की पहचान और निदान की प्रक्रिया को अधिक सटीक बनाना तथा मरीजों को समय पर उपयुक्त उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में चिकित्सकीय समन्वय को मजबूत करना है।

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