
रायपुर । छत्तीसगढ़ में साइबर अपराधों से लोगों को सुरक्षित रखने और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए चलाए गए साइबर जागृति अभियान एवं ट्रैफिक हैकाथॉन-2026 के प्रतिभागियों का अभिनंदन किया गया। राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि साइबर सुरक्षा केवल पुलिस और प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक का साझा दायित्व है। साइबर जागरूकता को जनआंदोलन बनाकर ही डिजिटल अपराधों से सुरक्षित छत्तीसगढ़ का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक चले सात सप्ताह के साइबर जागृति अभियान के दौरान 5 लाख से अधिक कार्यक्रम आयोजित किए गए और लगभग 1.70 करोड़ लोगों तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभियान की अवधि समाप्त हुई है, लेकिन जागरूकता का प्रयास लगातार जारी रहेगा।
डिजिटल सुविधाओं के साथ साइबर सुरक्षा भी जरूरी
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डिजिटल इंडिया ने देश में बड़े बदलाव किए हैं। आज गांवों में रहने वाले लोग भी मोबाइल के माध्यम से डिजिटल भुगतान कर रहे हैं और तकनीक के जरिए देश-दुनिया से जुड़ रहे हैं।
हालांकि, डिजिटल सुविधाओं के विस्तार के साथ ऑनलाइन ठगी और साइबर अपराधों की चुनौतियां भी बढ़ी हैं। अपराधी नए-नए तरीकों से लोगों को निशाना बना रहे हैं। ऐसे में प्रत्येक नागरिक को साइबर अपराधों की पहचान और उनसे बचाव के उपायों की जानकारी होना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि लोगों को ओटीपी, पासवर्ड और बैंकिंग से जुड़ी गोपनीय जानकारी साझा करने से बचना चाहिए। संदिग्ध लिंक, फर्जी निवेश योजनाओं और डिजिटल अरेस्ट जैसी ठगी के तरीकों के प्रति भी सतर्क रहना जरूरी है।
सात सप्ताह में 5 लाख से अधिक कार्यक्रम, 1.70 करोड़ लोगों तक पहुंच
छत्तीसगढ़ पुलिस ने 15 अगस्त से 2 अक्टूबर 2026 तक प्रदेश की 34 पुलिस इकाइयों के समन्वय से साइबर जागृति अभियान चलाया। अभियान के तहत विद्यालयों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों, ग्राम पंचायतों, हाट-बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
अभियान में सात प्रमुख विषयों पर विशेष ध्यान दिया गया:
- डिजिटल सुरक्षा और वित्तीय धोखाधड़ी से बचाव
- यूपीआई और ऑनलाइन भुगतान की सुरक्षा
- डिजिटल अरेस्ट से जुड़ी ठगी की पहचान
- महिलाओं की ऑनलाइन सुरक्षा
- रोजगार के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी
- डेटा गोपनीयता और व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा
- सामूहिक संकल्प और जनभागीदारी
अभियान के दौरान 5 लाख से अधिक कार्यक्रम आयोजित किए गए और 5 लाख से अधिक सेल्फी के माध्यम से लोगों की भागीदारी दर्ज की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि इतनी बड़ी सहभागिता बताती है कि साइबर सुरक्षा अब हर परिवार और नागरिक से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बन चुकी है।
सोशल मीडिया पर 6.02 करोड़ से अधिक व्यूज
साइबर जागृति अभियान को व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया का भी उपयोग किया गया। फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स, यूट्यूब और व्हाट्सऐप के माध्यम से साइबर सुरक्षा संबंधी संदेश साझा किए गए।
अभियान के दौरान 3,100 से अधिक सोशल मीडिया पोस्ट साझा की गईं, जिन्हें 6.02 करोड़ से अधिक व्यूज मिले। भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) ने भी अपने आधिकारिक सोशल मीडिया मंचों पर अभियान से संबंधित पोस्ट साझा कीं।
पुलिस ने युवाओं को ‘साइबर प्रहरी’ के रूप में जोड़ने की पहल की, ताकि वे अपने परिवार और समाज के लोगों को ऑनलाइन अपराधों से बचने के तरीके बता सकें। साइबर ठगी का शिकार होने पर तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करने या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की अपील भी की गई।
साइबर अपराधियों के नेटवर्क पर कार्रवाई: विजय शर्मा
उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि डिजिटल लेनदेन ने आम लोगों का जीवन आसान बनाया है, लेकिन इसके साथ साइबर अपराधों से निपटने की चुनौती भी बढ़ी है। छत्तीसगढ़ पुलिस जागरूकता अभियान के साथ-साथ अपराधियों के नेटवर्क पर भी कार्रवाई कर रही है।
उन्होंने बताया कि साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले म्यूल बैंक खातों और फर्जी सिम कार्ड उपलब्ध कराने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। उनके अनुसार, इन प्रयासों से साइबर अपराधों से संबंधित एफआईआर में कमी आई है और ठगी गई राशि की रिकवरी दर में वृद्धि हुई है।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि साइबर अपराधों से बचाव के लिए पुलिस की कार्रवाई के साथ नागरिकों की सतर्कता भी आवश्यक है।
ट्रैफिक हैकाथॉन में युवाओं ने दिए यातायात सुधार के सुझाव
समारोह में ट्रैफिक हैकाथॉन-2026 के प्रतिभागियों के नवाचारों की भी सराहना की गई। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि रायपुर में बढ़ती आबादी और वाहनों की संख्या के कारण यातायात प्रबंधन की चुनौतियां बढ़ रही हैं। सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और यातायात को सुरक्षित बनाने के लिए तकनीक, नवाचार और जनभागीदारी जरूरी है।
हैकाथॉन के ओवरऑल विजेता कार्तिकेय पंत ने शंकर नगर टर्निंग पॉइंट की यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए ‘टैक्टिकल अर्बनिज्म’ पर आधारित मॉडल प्रस्तुत किया। इसमें सड़क क्षेत्र का बेहतर उपयोग, स्पष्ट लेन मार्किंग, पैदल यात्रियों की सुरक्षा और स्ट्रीट वेंडरों तथा ऑटोरिक्शा चालकों के लिए व्यवस्थित स्थान तय करने जैसे सुझाव शामिल थे।
प्रतिभागियों ने टाटीबंध चौक, तेलीबांधा मरीन ड्राइव, आमापारा चौक और लोधीपारा चौक सहित कई प्रमुख स्थानों का अध्ययन कर पार्किंग प्रबंधन, सुरक्षित पैदल मार्ग और ट्रैफिक जाम कम करने के उपाय सुझाए।
एआई से ट्रैफिक जाम की पहचान और ग्रीन कॉरिडोर का प्रस्ताव
युवाओं ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) आधारित स्मार्ट ट्रैफिक प्रबंधन के प्रस्ताव भी पेश किए। ‘रायपुर नेत्र’ और ‘दृष्टि’ जैसी प्रस्तावित परियोजनाओं में सीसीटीवी कैमरों और एआई तकनीक से यातायात नियमों के उल्लंघन की पहचान, जाम की पूर्व सूचना और एम्बुलेंस तथा अग्निशमन वाहनों के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाने की परिकल्पनाएं शामिल थीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हैकाथॉन में प्रस्तुत सुझावों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। उपयोगी और व्यावहारिक समाधानों को लागू करने की दिशा में आगे बढ़ा जाएगा।
हैकाथॉन के आयोजन में एनआईटी रायपुर और द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया) के छत्तीसगढ़ स्टेट सेंटर ने तकनीकी सहयोग दिया। विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों के प्रस्तावों की तकनीकी व्यवहार्यता, उपयोगिता और क्रियान्वयन की संभावनाओं का मूल्यांकन किया।
ग्रामीण बस सेवा से दूरस्थ क्षेत्रों को जोड़ने का प्रयास
मुख्यमंत्री साय ने प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन सुविधाओं के विस्तार का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में बस सेवा उपलब्ध होने से लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार और अन्य जरूरी कामों के लिए आवागमन में सुविधा मिलती है।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा के माध्यम से बस्तर सहित दूरस्थ क्षेत्रों में उन मार्गों पर भी बसें चलाई जा रही हैं, जहां पहले आर्थिक कारणों से नियमित परिवहन उपलब्ध नहीं था। ऐसे मार्गों पर 100 से अधिक बसों का संचालन किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जनहित को प्राथमिकता देते हुए इन सेवाओं का विस्तार कर रही है, ताकि दूरस्थ इलाकों के नागरिक भी बेहतर परिवहन सुविधाओं का लाभ उठा सकें।
उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिलों और प्रतिभागियों का सम्मान
साइबर जागृति अभियान में विभिन्न जिलों ने स्थानीय जरूरतों के अनुसार अभिनव पहल की। मुंगेली में विशेष ग्राम सभाओं के माध्यम से लगभग 15 हजार ग्रामीणों को जागरूक किया गया। गरियाबंद में मितानिनों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और स्व-सहायता समूहों की करीब 493 महिलाओं को साइबर सुरक्षा संबंधी जानकारी दी गई।
दुर्ग में नुक्कड़ नाटकों और अन्य गतिविधियों के माध्यम से 15 हजार से अधिक नागरिकों तक संदेश पहुंचाया गया। रायपुर में साइबर जागरूकता लघु फिल्म प्रतियोगिता के लिए 11 राज्यों के 35 जिलों से 162 फिल्में प्राप्त हुईं। जांजगीर-चांपा में ‘एक राखी साइबर जागृति के नाम’ अभियान के जरिए लगभग 1.61 लाख लोगों तक जागरूकता पहुंचाई गई, जबकि बिलासपुर में आकाशवाणी के फोन-इन कार्यक्रम से करीब आठ लाख श्रोताओं तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचने की जानकारी दी गई।
समारोह में साइबर जागरूकता के लिए अभिनव प्रयास करने वाले जिलों और ट्रैफिक हैकाथॉन के विजेताओं को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में विधायक राजेश मूणत, रायपुर नगर निगम की महापौर मीनल चौबे, पुलिस महानिदेशक अरुण गौतम, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अमित कुमार सहित जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ, विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।



