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गौठानों की बदहाल व्यवस्था पर AAP ने उठाए सवाल, सड़कों पर मवेशियों के जमावड़े से हादसे का खतरा

  • प्रदेश के हर बड़े शहरों की मुख्य सड़कों पर मवेशी, कभी भी घट सकती है बड़ी दुर्घटना -उत्तम जायसवाल, कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष, आप

रायपुर। राजधानी की सड़कों पर लगातार बढ़ता मवेशियों का जमावड़ा और गौठानों की बदहाल व्यवस्था को लेकर आम आदमी पार्टी के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उत्तम जायसवाल ने नगर निगम और राज्य सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्टी ने आरोप लगाया है कि मवेशियों को रखने के लिए न पर्याप्त जगह है, न कोई ठोस योजना और न ही उनके चारा-पानी एवं स्वास्थ्य की समुचित व्यवस्था तो निगम प्रशासन सड़कों पर बैठे पशुओं को आखिर रखेगा कहां?

उत्तम जायसवाल ने कहा कि राजधानी की प्रमुख सड़कों और चौक-चौराहों पर मवेशियों का झुंड आम हो गया है। इससे यातायात व्यवस्था प्रभावित होने के साथ दुर्घटनाओं का खतरा भी लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि नगर निगम मवेशियों को सड़कों से हटाने के नाम पर केवल खानापूर्ति कर रहा है, जबकि उन्हें रखने के लिए पर्याप्त और व्यवस्थित स्थान तक उपलब्ध नहीं कराया गया है। शहर के गौठानों में क्षमता से दुगुने-तीगुने पशुओं को ठूंसकर रखा जा रहा है। चारा-पानी की कमी, साफ-सफाई का अभाव और पशुओं के बैठने तक के लिए पर्याप्त जगह नहीं होने के कारण बेजुबान मवेशी बीमार हो रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि गौठानों में क्षमता ही नहीं है तो नगर निगम सड़कों से मवेशियों को पकड़कर आखिर कहां रख रहा है?

उन्होंने कहा कि फुंडहर स्थित गौठान में हाल ही में 8 गायों की मौत ने पूरी व्यवस्था की पोल खोल दी है। यह केवल पशुओं की मौत का मामला नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही और कुप्रबंधन का गंभीर उदाहरण है। उन्होंने कहा कि गौठानों में क्षमता से अधिक पशु रखने, चारा-पानी की कमी और स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।सरकार और नगर निगम को यह स्पष्ट करना चाहिए कि गौठानों में कितने पशु रखने की क्षमता है और वर्तमान में वहां कितने पशु रखे जा रहे हैं। साथ ही फुंडहर गौठान में हुई 8 गायों की मौत की निष्पक्ष जांच कराकर जिम्मेदार अधिकारियों और व्यवस्था संचालकों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।

उत्तम जायसवाल ने मांग की है कि राजधानी में मवेशियों की समस्या को लेकर नगर निगम तत्काल ठोस कार्ययोजना बनाए, गौठानों की क्षमता और वास्तविक पशु संख्या का सार्वजनिक ऑडिट कराए।

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