
उत्तर बस्तर कांकेर। शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचाने और उनकी समस्याओं का त्वरित निराकरण करने के उद्देश्य से जिले में सेवा संकल्प अभियान के तहत सेवा सेतु शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। ये शिविर दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को स्थानीय स्तर पर शासकीय सेवाएं उपलब्ध कराने और प्रशासन से सीधे जुड़ने का अवसर प्रदान कर रहे हैं।
इसी कड़ी में भानुप्रतापपुर विकासखंड के ग्राम तरांदुल में आयोजित शिविर में दिव्यांग बच्ची यमुना कावड़े का तत्काल आधार पंजीयन कराया गया। प्रशासन की इस पहल से बच्ची और उसके परिवार को राहत मिली। आधार पंजीयन की प्रक्रिया मौके पर ही पूरी कराए जाने से परिवार को इसके लिए अन्य स्थानों पर जाने की जरूरत नहीं पड़ी।
जरूरतमंद परिवार को स्थानीय स्तर पर मिली सुविधा
कलेक्टर कुन्दन कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित सेवा सेतु शिविरों में पात्र हितग्राहियों की समस्याओं के निराकरण और उन्हें आवश्यक शासकीय सेवाएं उपलब्ध कराने पर ध्यान दिया जा रहा है। ग्राम तरांदुल के शिविर में बच्ची की जरूरत को प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की और आधार पंजीयन की व्यवस्था सुनिश्चित की।
आधार कार्ड विभिन्न शासकीय योजनाओं और सेवाओं का लाभ लेने में महत्वपूर्ण दस्तावेज है। ऐसे में समय पर पंजीयन होने से यमुना और उसके परिवार के लिए भविष्य में पात्र योजनाओं एवं सुविधाओं तक पहुंच आसान बनाने में मदद मिलेगी।
दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंच रहीं शासकीय सेवाएं
सेवा संकल्प अभियान के तहत सेवा सेतु शिविरों का उद्देश्य शासन और आम नागरिकों के बीच की दूरी कम करना है। स्थानीय स्तर पर सेवाएं उपलब्ध होने से ग्रामीणों को छोटी-छोटी जरूरतों के लिए दूर स्थित कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिल सकती है।
ग्राम तरांदुल में दिव्यांग बच्ची का आधार पंजीयन इसी दिशा में एक पहल है। ऐसे शिविरों के माध्यम से प्रशासन जरूरतमंदों की समस्याओं को प्राथमिकता देकर योजनाओं और सेवाओं की पहुंच को अधिक सरल, सुलभ और जनहितकारी बनाने का प्रयास कर रहा है।




