
रायपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले की ग्राम पंचायत लांजित में तालाब गहरीकरण के कार्य से जल संरक्षण और ग्रामीण रोजगार को बढ़ावा मिला है। विकसित भारत–जी राम जी योजना के तहत कराए गए इस कार्य से बारिश के पानी को अधिक मात्रा में सहेजने में मदद मिलने की उम्मीद है। साथ ही, गांव के 500 से 600 ग्रामीणों को काम मिलने से स्थानीय परिवारों को आर्थिक सहारा भी मिला है।
तालाब गहरीकरण से पानी की उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद
ग्राम पंचायत लांजित के निवासी सुरेश कुमार सिंह के मुताबिक, तालाब के गहरीकरण से पहले गर्मी के मौसम में पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं रहता था। इसका असर किसानों और पशुपालकों पर पड़ता था। अब तालाब की गहराई बढ़ने से वर्षा जल का बेहतर संचयन हो सकेगा। इससे खेती के लिए सिंचाई और पशुओं के लिए पानी की उपलब्धता में सुधार होने की उम्मीद है।
तालाब में पानी का स्तर बेहतर रहने से पशु-पक्षियों और दूसरे जीव-जंतुओं को भी राहत मिल सकती है। इस तरह यह पहल गांव में जल संसाधनों के संरक्षण के साथ स्थानीय जरूरतों को पूरा करने में मददगार साबित हो सकती है।
गांव में ही 500 से 600 लोगों को मिला काम
तालाब गहरीकरण का कार्य ग्रामीणों के लिए रोजगार का माध्यम भी बना। सुरेश कुमार सिंह के अनुसार, इस काम में ग्राम पंचायत के लगभग 500 से 600 मजदूरों ने भाग लिया। स्थानीय स्तर पर काम मिलने से ग्रामीण परिवारों को आय का सहारा मिला और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने में मदद मिली।
जल संरक्षण से गांव के भविष्य को मिलेगी मजबूती
सुरेश कुमार सिंह ने तालाब गहरीकरण को गांव के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए इस कार्य में शासन-प्रशासन और ग्रामीणों के सहयोग की सराहना की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार भी जताया।
लांजित में तालाब गहरीकरण की यह पहल जल संचयन और स्थानीय रोजगार को एक साथ जोड़ती है। बारिश के पानी का बेहतर संरक्षण होने से आने वाले समय में किसानों और पशुपालकों को लाभ मिलने की उम्मीद है।


