
एमसीबी । उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित नवभारत साक्षरता महापरीक्षा जिले में शांतिपूर्ण एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुई। जिले के तीनों विकासखंड मनेन्द्रगढ़, खड़गवां और भरतपुर में बनाए गए 201 परीक्षा केंद्रों में शिक्षार्थियों ने उत्साह के साथ परीक्षा में हिस्सा लिया।
महापरीक्षा के लिए जिले में कुल 2042 शिक्षार्थियों का पंजीयन किया गया था, जिनमें से 1909 शिक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए। परीक्षा के दौरान केंद्रों पर शिक्षार्थियों की सुविधा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई थीं। परीक्षा के सुचारू संचालन में संबंधित अधिकारियों, शिक्षकों, स्वयंसेवी शिक्षकों और मैदानी अमले ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
खड़गवां में सबसे अधिक शिक्षार्थियों ने दी परीक्षा
विकासखंडवार आंकड़ों के अनुसार मनेन्द्रगढ़ के 92 परीक्षा केंद्रों में 527 शिक्षार्थियों का पंजीयन हुआ, जिनमें 497 ने परीक्षा दी। खड़गवां के 72 केंद्रों में 922 शिक्षार्थियों का पंजीयन हुआ और 845 शिक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए। वहीं भरतपुर के 37 परीक्षा केंद्रों में 593 शिक्षार्थियों का पंजीयन किया गया, जिनमें 567 शिक्षार्थियों ने परीक्षा दी।
इस तरह जिलेभर में 201 परीक्षा केंद्रों पर पंजीकृत 2042 शिक्षार्थियों में से 1909 ने महापरीक्षा में सहभागिता की।
साक्षरता आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की नींव
कलेक्टर सुश्री संतन देवी जांगड़े ने महापरीक्षा के सफल आयोजन पर सभी शिक्षार्थियों, स्वयंसेवी शिक्षकों, शिक्षकों, अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि साक्षरता केवल पढ़ना-लिखना सीखने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति में आत्मविश्वास, जागरूकता और आत्मनिर्भरता विकसित करने का सशक्त माध्यम है।
उन्होंने कहा कि उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के माध्यम से जिले में साक्षरता को जनआंदोलन का स्वरूप देने का प्रयास किया जा रहा है। महापरीक्षा में बड़ी संख्या में शिक्षार्थियों की सहभागिता इसी सामूहिक प्रयास का परिणाम है।
कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों और स्वयंसेवी शिक्षकों को महापरीक्षा के बाद भी शिक्षार्थियों को निरंतर सीखने के अवसर उपलब्ध कराने तथा दैनिक जीवन में पढ़ने-लिखने और गणना के ज्ञान का उपयोग करने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए।
जिला प्रशासन ने महापरीक्षा के सफल आयोजन में सहयोग करने वाले शिक्षार्थियों, स्वयंसेवी शिक्षकों, शिक्षकों, पंचायत प्रतिनिधियों, अधिकारियों-कर्मचारियों और आम नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया।




