
मणिपुर की स्टार वुशु खिलाड़ी नाओरेम रोशिबिना देवी ने एशियन गेम्स 2026 में भारत के लिए सिल्वर मेडल जीता है। उन्होंने महिलाओं के 60 किग्रा सांडा इवेंट में यह उपलब्धि हासिल की। फाइनल में रोशिबिना को चीन की झांग शियाओयू के खिलाफ 0-2 से हार का सामना करना पड़ा। चीनी खिलाड़ी ने दोनों राउंड में 5-0 का फैसला अपने पक्ष में करते हुए गोल्ड मेडल पर कब्जा किया।
सिल्वर मेडल के साथ रोशिबिना ने एशियन गेम्स में लगातार तीसरी बार पदक जीतकर इतिहास रच दिया। वह लगातार तीन एशियन गेम्स में पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला वुशु खिलाड़ी बन गई हैं। इससे पहले उन्होंने 2018 जकार्ता एशियन गेम्स में ब्रॉन्ज और 2023 हांगझोऊ एशियन गेम्स में सिल्वर मेडल जीता था।
फाइनल में चीन की खिलाड़ी का दबदबा
गोल्ड मेडल मुकाबले में झांग शियाओयू ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया। रोशिबिना को उनके साइड-किक्स का जवाब देने में परेशानी हुई और चीनी खिलाड़ी ने दोनों राउंड में अपना दबदबा बनाए रखा। सभी पांच जजों ने दोनों राउंड में झांग के पक्ष में फैसला दिया।
रोशिबिना के लिए फाइनल तक का सफर हालांकि शानदार रहा। क्वार्टर फाइनल में उन्होंने मकाओ की चू मान सिन को 5-0 से हराया और इसके बाद सेमीफाइनल में इंडोनेशिया की थानिया कुसुमनिंगत्यास को 2-0 से मात देकर फाइनल में जगह बनाई।
कम समय की तैयारी के बावजूद शानदार प्रदर्शन
रोशिबिना को एशियन गेम्स की भारतीय टीम में आखिरी समय में शामिल किया गया था। उन्हें 10 सितंबर के आसपास टीम में शामिल किए जाने की जानकारी मिली थी और इसके बाद तैयारी के लिए उनके पास काफी कम समय था। उनकी जगह मूल रूप से चुनी गईं दिव्यांशी चौधरी को चोट के कारण टीम से बाहर किया गया था।
कम तैयारी के बावजूद रोशिबिना ने प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन किया और भारत के लिए वुशु में पदक सुनिश्चित किया। उनकी उपलब्धि ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय वुशु की मौजूदगी को मजबूत किया है।
रोशिबिना का एशियन गेम्स मेडल रिकॉर्ड
रोशिबिना ने 2018 में जकार्ता एशियन गेम्स से अपने पदकों का सिलसिला शुरू किया था। तब उन्होंने 60 किग्रा सांडा में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। इसके बाद 2023 में हांगझोऊ में उन्होंने सिल्वर मेडल हासिल किया। अब एशियन गेम्स 2026 में भी सिल्वर जीतकर उन्होंने लगातार तीन संस्करणों में पदक जीतने का रिकॉर्ड बनाया है।
2018 – जकार्ता: ब्रॉन्ज
2023 – हांगझोऊ: सिल्वर
2026 – आइची-नागोया: सिल्वर
सिल्वर जीतने के बाद क्या बोलीं रोशिबिना?
फाइनल में हार के बाद रोशिबिना ने कहा कि वह गोल्ड मेडल जीतना चाहती थीं, लेकिन कम तैयारी के बावजूद सिल्वर हासिल करना उनके लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने अपने कोच अमित पाल के समर्थन का भी जिक्र किया और कहा कि वह अपनी गलतियों से सीखकर आने वाले खेलों में बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश करेंगी।
रोशिबिना के इस प्रदर्शन से भारत की एशियन गेम्स 2026 मेडल सूची में एक और पदक जुड़ गया। उनका लगातार तीन एशियन गेम्स में पदक जीतना भारतीय वुशु के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।




