PM Modi News: पीएम मोदी ने जारी की किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त, 9.34 करोड़ किसानों के खाते में पहुंचे 19 हजार करोड़ रुपये

बनासकांठा (गुजरात): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को गुजरात के बनासकांठा से देश के करोड़ों किसानों को बड़ी सौगात दी। उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त जारी की। इसके तहत देशभर के 9.34 करोड़ से अधिक किसानों को 18,690 करोड़ रुपये से ज्यादा की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में भेजी गई। इस दौरान प्रधानमंत्री ने 14 हजार करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया।
कार्यक्रम में खेती, पशुपालन, महिला सशक्तिकरण, बच्चों के विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने से जुड़ी कई योजनाओं पर जोर दिया गया। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए लगातार काम कर रही है।
पीएम मोदी ने विपक्ष पर साधा निशाना
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष देश के विकास कार्यों को लेकर सकारात्मक रुख नहीं दिखाता और प्रधानमंत्री को बदनाम करने की कोशिश करता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के सामने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई चुनौतियां आईं, लेकिन सरकार ने उनका असर किसानों पर कम से कम पड़ने देने का प्रयास किया। उन्होंने विशेष रूप से खाद की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय कीमतों का जिक्र करते हुए कहा कि किसानों पर महंगी खाद का अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ने दिया गया।
MSP को लेकर सरकार ने किया बड़ा दावा
किसानों के हितों की बात करते हुए प्रधानमंत्री ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने किसानों से किए गए वादों को पूरा करने की दिशा में काम किया है।
पीएम मोदी के मुताबिक, पिछले 12 वर्षों में गेहूं और धान की खरीद के लिए किसानों को MSP के रूप में करीब 24 लाख करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। उन्होंने इसे किसानों को आर्थिक सुरक्षा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
खेती को आधुनिक तकनीक से जोड़ने पर जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि खेती भारत की परंपरा और संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। बदलते समय के साथ कृषि क्षेत्र में विज्ञान और तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाना जरूरी है।
उन्होंने मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना का उदाहरण देते हुए बताया कि इसके माध्यम से किसानों को खेत की मिट्टी की गुणवत्ता और उसमें मौजूद पोषक तत्वों की जानकारी मिलती है। इससे किसानों को यह समझने में मदद मिलती है कि उनकी जमीन को किस तरह की खाद और कितनी मात्रा में पोषक तत्वों की जरूरत है।
प्रधानमंत्री के अनुसार, देश में अब तक 26 करोड़ से अधिक सॉइल हेल्थ कार्ड उपलब्ध कराए जा चुके हैं।
पशुपालन और डेयरी सेक्टर को मिलेगा बढ़ावा
बनासकांठा में पशुपालन और डेयरी क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए भी कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं शुरू की गईं। प्रधानमंत्री ने भारत बोवाइन ब्रीडिंग एंड रिसर्च सेंटर (BBBRC) को राष्ट्र को समर्पित किया। यह केंद्र देसी नस्लों के संरक्षण, वैज्ञानिक प्रजनन और पशुओं की आनुवंशिक गुणवत्ता में सुधार के लिए काम करेगा।
इसके अलावा बनास डेयरी के तहत थराद और राधनपुर में दो बायो-CNG प्लांट की आधारशिला रखी गई। इन संयंत्रों में प्रतिदिन क्रमशः 75 और 100 मीट्रिक टन पशुओं के गोबर का प्रसंस्करण किया जा सकेगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य पशुओं के स्वास्थ्य में सुधार, दूध उत्पादन बढ़ाने और गोबर का बेहतर इस्तेमाल करके ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है।
छोटे किसानों के खातों में पहुंची बड़ी आर्थिक मदद
पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को सालाना 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह रकम तीन बराबर किस्तों में सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाती है।
प्रधानमंत्री ने बताया कि इस योजना के माध्यम से अब तक लगभग 4.5 लाख करोड़ रुपये किसानों तक पहुंचाए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि देश के किसान समुदाय में छोटे किसानों की बड़ी हिस्सेदारी है और सरकार उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए योजनाएं चला रही है।
14 हजार करोड़ से अधिक की परियोजनाओं की सौगात
बनासकांठा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कृषि बुनियादी ढांचे, रेलवे, खाद्य प्रसंस्करण, बाल विकास और पशुपालन से जुड़ी परियोजनाओं को भी आगे बढ़ाया गया। इनमें 521 कृषि अवसंरचना परियोजनाएं, 4,030 नए बाल हितैषी आंगनवाड़ी केंद्र और 361 तैयार आंगनवाड़ी केंद्रों का उद्घाटन शामिल है।
इसके अलावा अहमदाबाद मेट्रो के विस्तार और अहमदाबाद-मेहसाणा सड़क को चार लेन से आठ लेन करने की परियोजना की भी आधारशिला रखी गई।
सरकार का कहना है कि इन पहलों से किसानों, पशुपालकों और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को लाभ मिलेगा। साथ ही कृषि और डेयरी क्षेत्र में रोजगार और आय के नए अवसर तैयार करने में भी मदद मिलेगी।



