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निर्माण श्रमिकों को बड़ी राहत, 14.44 लाख से अधिक हितग्राहियों को DBT से मिली सहायता

श्रमिकों के हित में सरकार की बड़ी पहल, पंजीयन से लेकर सहायता वितरण तक ऑनलाइन व्यवस्था

रायपुर। छत्तीसगढ़ में निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों को शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लगातार मिल रहा है। छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा श्रमिकों के पंजीयन, नवीनीकरण, ई-केवाईसी और विभिन्न योजनाओं के तहत सहायता वितरण की प्रक्रिया निरंतर जारी है। मंडल ने कहा है कि पात्र हितग्राहियों को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

वर्ष 2024-25 से अब तक प्रदेश में 9 लाख 17 हजार 738 निर्माण श्रमिकों का पंजीयन किया गया है। इसी अवधि में 6 लाख 13 हजार 930 श्रमिकों के पंजीयन का नवीनीकरण भी किया गया है। श्रमिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पंजीयन प्रक्रिया ऑनलाइन रखी गई है। श्रमिक लोक सेवा केंद्र, श्रम संसाधन केंद्र, जिला श्रम कार्यालय या ‘श्रमेव जयते’ मोबाइल एप के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

श्रमिकों की पहचान और पात्रता को अपडेट रखने के लिए ई-केवाईसी अभियान भी लगातार संचालित किया जा रहा है। अब तक 93 हजार 433 ऑनलाइन आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 65 हजार 894 प्रकरणों का निराकरण किया जा चुका है। शेष आवेदनों की नियमानुसार जांच की जा रही है। वहीं, जिन श्रमिकों ने अभी तक पंजीयन का नवीनीकरण नहीं कराया है, उन्हें भी समय पर नवीनीकरण कराने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

मंडल के अनुसार 17 सितंबर 2024 से पात्र श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं की सहायता राशि DBT के माध्यम से सीधे उनके आधार लिंक बैंक खातों में भेजी जा रही है। मुख्यमंत्री साइकिल सहायता योजना, औजार सहायता योजना, सिलाई सहायता योजना और सुरक्षा उपकरण सहायता योजना सहित विभिन्न सामग्री आधारित योजनाओं के तहत अब तक 1 लाख 99 हजार 626 श्रमिक लाभान्वित हो चुके हैं।

इसके अलावा महतारी जतन योजना, नौनीहाल छात्रवृत्ति योजना, मेधावी शिक्षा सहायता योजना, मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना, श्रमिक सियान सहायता योजना, बच्चों के लिए निःशुल्क गणवेश एवं पुस्तक-कॉपी सहायता, आवास सहायता और पेंशन सहायता जैसी योजनाओं का लाभ भी पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाया जा रहा है। वर्ष 2024-25 से अब तक 14 लाख 44 हजार 870 निर्माण श्रमिकों एवं उनके परिवार के सदस्यों को DBT के माध्यम से सहायता राशि दी जा चुकी है।

मंडल ने स्पष्ट किया है कि निर्माण श्रमिकों के पंजीयन, नवीनीकरण और ई-केवाईसी की प्रक्रिया बंद नहीं हुई है। ऑनलाइन पोर्टल पर तकनीकी समस्या आने पर उसका त्वरित निराकरण किया जा रहा है। जिन पंजीकृत श्रमिकों की ई-केवाईसी लंबित है, उनके आवेदन लगातार स्वीकार किए जा रहे हैं। ई-केवाईसी पूर्ण होने के बाद पात्रता के अनुसार संबंधित योजनाओं का लाभ प्रदान किया जाएगा।

मंडल ने निर्माण श्रमिकों से अपील की है कि वे समय पर अपना पंजीयन और नवीनीकरण कराएं, ई-केवाईसी पूरा करें और शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाएं।

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