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छत्तीसगढ़ में खाद्य एवं पोषण योजनाओं की होगी सख्त निगरानी, PDS में पारदर्शिता बढ़ाने पर जोर

रायपुर: छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के साथ खाद्य एवं पोषण योजनाओं की निगरानी मजबूत करने की दिशा में पहल की जा रही है। 12 अक्टूबर को नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य आयोग के कार्यालय में अध्यक्ष संदीप शर्मा की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसमें पात्र हितग्राहियों तक खाद्यान्न पहुंचाने, पोषण योजनाओं के क्रियान्वयन और वितरण व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित करने पर चर्चा हुई।

PDS और पोषण योजनाओं की हुई समीक्षा

बैठक में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई। इनमें सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS), पूरक पोषण आहार योजना, प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना तथा शासकीय आश्रमों और छात्रावासों में रियायती दर पर खाद्यान्न उपलब्ध कराने की योजना शामिल रही।

आयोग ने इन योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने और वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने पर जोर दिया।

राष्ट्रीय सेमिनार में मिले सुझावों पर चर्चा

बैठक में भोपाल में आयोजित राज्य खाद्य आयोग के राष्ट्रीय सेमिनार में प्रस्तुत सुझावों पर भी विचार-विमर्श किया गया। सेमिनार का विषय ‘राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम: प्रगति, चुनौतियां और भविष्य की दिशा’ था।

इस दौरान नीति आयोग, भारत सरकार, राष्ट्रीय पोषण संस्थान हैदराबाद, यूनिसेफ और भारतीय ग्रामीण प्रबंधन संस्थान गुजरात के प्रतिनिधियों ने खाद्य एवं पोषण सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए सुझाव दिए थे। समीक्षा बैठक में इन सुझावों के आधार पर राज्य की मौजूदा व्यवस्था को और मजबूत बनाने पर चर्चा हुई।

खाद्यान्न वितरण और पात्रता निर्धारण में बढ़ेगी पारदर्शिता

आयोग की बैठक में खाद्यान्न उपार्जन व्यवस्था में सुधार के साथ PDS के अंतर्गत हितग्राहियों की पहचान और पात्रता निर्धारण की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने पर जोर दिया गया। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंचे और वितरण व्यवस्था में जवाबदेही बनी रहे।

कुपोषण दूर करने के लिए विभागों में समन्वय पर जोर

महिलाओं और बच्चों में कुपोषण तथा सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी दूर करने के लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई।

बैठक में खाद्य, महिला एवं बाल विकास, स्कूल शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग के समेकित डेटाबेस के माध्यम से पात्र हितग्राहियों को मिलने वाले लाभों की निगरानी के लिए प्रस्ताव तैयार करने का निर्णय लिया गया। इस प्रस्ताव को आयोग की अनुशंसाओं के साथ शीघ्र राज्य शासन के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।

बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद

समीक्षा बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य आयोग के सदस्य राजेन्द्र महिलांग, कुलदीप शर्मा और सदस्य सचिव राजीव कुमार जायसवाल उपस्थित रहे।

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