देशव्यापार

UPI पेमेंट पर नया MDR नियम?

2,000 रुपये से ज्यादा के भुगतान को लेकर चर्चा, जानिए ग्राहकों पर पड़ेगा कितना असर

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। QR कोड स्कैन किया, UPI PIN डाला और कुछ ही सेकंड में पेमेंट पूरा। बीते कुछ वर्षों में UPI ने देश में डिजिटल भुगतान का तरीका पूरी तरह बदल दिया है। NPCI के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक अगस्त 2026 में UPI के जरिए करीब 24.51 अरब ट्रांजैक्शन हुए।

इसी बीच 2,000 रुपये से अधिक के कुछ मर्चेंट UPI भुगतान पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लगाए जाने की चर्चा सामने आई है। सबसे अहम बात यह है कि MDR यदि लागू होता है, तो यह मर्चेंट यानी दुकानदार और भुगतान व्यवस्था से जुड़े पक्षों के बीच का शुल्क होगा। इसे सीधे ग्राहक से UPI ट्रांजैक्शन फीस के रूप में वसूलना अलग विषय है।

ग्राहक को क्या जानना चाहिए?

1. क्या ग्राहक से UPI चार्ज लिया जाएगा?
MDR का मतलब यह नहीं है कि ग्राहक के बैंक खाते से भुगतान राशि के ऊपर अपने-आप अतिरिक्त पैसा कटेगा। MDR मूल रूप से मर्चेंट-साइड पेमेंट लागत है।

2. MDR क्या होता है?
Merchant Discount Rate यानी MDR डिजिटल पेमेंट स्वीकार करने से जुड़ा शुल्क है। इसका भुगतान किस पक्ष द्वारा और किस दर पर किया जाएगा, यह संबंधित नियम और ट्रांजैक्शन की श्रेणी पर निर्भर करता है।

3. दोस्तों और परिवार को पैसे भेजने पर क्या असर होगा?
P2P यानी व्यक्ति से व्यक्ति को किए जाने वाले सामान्य UPI ट्रांसफर और मर्चेंट को किए जाने वाले P2M भुगतान अलग श्रेणियां हैं। इसलिए मर्चेंट MDR को सामान्य बैंक-टू-बैंक UPI ट्रांसफर से जोड़कर नहीं देखना चाहिए।

4. 2,000 रुपये तक के भुगतान का क्या होगा?
छोटे मूल्य वाले UPI भुगतान के लिए पहले से अलग प्रोत्साहन और शुल्क व्यवस्था रही है। NPCI ने पूर्व में 2,000 रुपये तक के कम-मूल्य UPI P2M भुगतान को प्रोत्साहन योजना के दायरे में रखा था।

5. छोटे दुकानदारों के लिए क्या व्यवस्था है?
NPCI ने पहले छोटे मर्चेंट यानी P2PM श्रेणी के लिए अलग व्यवस्था की थी। 2019 में NPCI ने छोटे मर्चेंट की मासिक inward transaction सीमा 50,000 रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये की थी।

6. क्या दुकानदार ग्राहक से अतिरिक्त पैसा मांग सकता है?
MDR और ग्राहक से अतिरिक्त शुल्क वसूलने की बात एक जैसी नहीं है। यदि किसी व्यापारी द्वारा UPI भुगतान के नाम पर अलग शुल्क मांगा जाता है, तो ग्राहक को भुगतान से पहले बिल और शुल्क की जानकारी स्पष्ट रूप से पूछनी चाहिए।

7. क्या UPI की कोई मासिक ट्रांजैक्शन फीस है?
सामान्य UPI उपयोग को किसी एक मासिक भुगतान कोटा से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। हालांकि बैंक, ऐप और संबंधित भुगतान श्रेणी के अपने नियम हो सकते हैं।

8. UPI AutoPay और दूसरे मैंडेट का क्या होगा?
UPI में AutoPay और Mandate जैसी अलग सुविधाएं मौजूद हैं। NPCI के दस्तावेजों में इन सेवाओं को सामान्य UPI भुगतान से अलग प्रावधानों के तहत रखा गया है।

9. क्या बिल, टिकट या दूसरे भुगतान महंगे होंगे?
किसी भुगतान पर ग्राहक को अतिरिक्त रकम देनी होगी या नहीं, यह उस भुगतान की श्रेणी, सेवा प्रदाता और लागू नियमों पर निर्भर करेगा। इसलिए हर UPI भुगतान पर एक समान अतिरिक्त शुल्क मान लेना सही नहीं होगा।

UPI का बढ़ता दायरा

UPI देश के डिजिटल पेमेंट सिस्टम का प्रमुख हिस्सा बन चुका है। NPCI के अनुसार अगस्त 2026 में UPI पर 24,508.96 मिलियन ट्रांजैक्शन हुए, जिनकी कुल वैल्यू करीब ₹29.82 लाख करोड़ रही।

ग्राहकों के लिए सबसे जरूरी बात

अगर MDR से जुड़े नए नियम लागू होते हैं, तो सबसे महत्वपूर्ण अंतर यह होगा कि मर्चेंट-साइड शुल्क और ग्राहक से वसूले जाने वाले शुल्क को अलग-अलग समझा जाए। किसी भी नए चार्ज को लेकर भुगतान करने से पहले बैंक या संबंधित UPI ऐप की आधिकारिक जानकारी देखना सबसे सुरक्षित तरीका है।

नोट: 15 अक्टूबर 2026 से 0.4% MDR, 75,000 रुपये पर 300 रुपये की कैप और अलग-अलग सेक्टर के लिए 5 रुपये/0.02% जैसी दरों की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध NPCI स्रोतों में मुझे नहीं मिली है। इसलिए प्रकाशन से पहले संबंधित NPCI सर्कुलर/बैंकिंग अधिसूचना से इन दरों का सत्यापन करना जरूरी है।

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