
- प्रदेश में जनता की आवाज़ उठाने पर गिरफ़्तारी,राज्य में सुशासन नहीं कुशासन है-आम आदमी पार्टी
रायपुर । आम आदमी पार्टी के नेताओं द्वारा प्रदेश कार्यालय में मुख्य प्रवक्ता सूरज उपाध्याय, प्रदेश प्रवक्ता विजय कुमार झा, बस्तर लोकसभा अध्यक्ष नरेंद्र नाग, रायपुर लोकसभा अध्यक्ष अज़ीम खान और प्रदेश सचिव संजय गुप्ता द्वारा आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि प्रदेश में लगातार शराब में मिलावट जारी है पिछले दिनों मध्य प्रदेश में मिलावटी शराब से 52 लोगों को लोगों की जान गई उस पर राज्य सरकार चेती नहीं है।
पिछले दिनों भानुप्रतापपुर में ऐसी शराब पकड़ी गयी जिस शराब के लिए शौकीन अपनी जेब ढीली कर रहे थे, उसमें कई महीनों से गाढ़ा पानी पिलाकर ‘मूर्ख’ बनाया जा रहा था। वहां जब छापेमारी की गयी तो रूम से एक-दो नहीं, बल्कि दो पिकअप गाड़ियां भरकर खाली बोतलें और फर्जी ढक्कन स्टिकर बरामद हुए हैं! सोचिए, जिस विभाग पर आबकारी व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी थी, उसी के कर्मचारी के ठिकाने पर अंग्रेजी शराब में पानी मिलाने का ‘कुटीर उद्योग’ धड़ल्ले से फल-फूल रहा था।
पिछले दिनों आम आदमी पार्टी लोकसभा क्षेत्र जांजगीर-चांपा के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने किसानों की एग्रीस्टेक, रकबा समर्पण के नाम पर किसानों से कम धान खरीदने की साजिश,विभिन्न समस्याओं और उनके शोषण के विरोध में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ काली पट्टी लगाकर जोरदार प्रदर्शन किया तो उनकी गिरफ़्तारी कर किसानों की आवाज़ दबाने की कोशिश की गयी।क्या छत्तीसगढ़ में आम जनता के मुद्दों को उठा रहे कार्यकर्ताओं की सरकार जबरन गिरफ़्तारी कर जनता की आवाज़ और मांग को दबाना चाह रही है। पिछले साल प्रदेश में एग्रीस्टेक पंजीयन में गड़बड़ी और रकबा समर्पण के नाम से जो सरकार ने खेल खेला था उसे प्रदेश में 6 किसानों ने आत्महत्या की थी, इन किसानों की आत्महत्या की जिम्मेदारी है सरकार है। सरकार लगातार प्रदेश के किसानों के साथ धोखा कर रही है।
एक दूसरे मामले में बलरामपुर में आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता लव कुमार दुबे द्वारा कुछ ग्रामीणों के साथ सड़को को दुरुस्त करने जब आवेदन लेकर गये और जब उन्होंने जिले की बदहाल सड़कों और प्रशासनिक निष्क्रियता को लेकर जब कलेक्टर और राज्य सरकार से सवाल किये तो उन्हें जेल भेज दिया गया। जबकि जिले की सड़कें महीनों से खड्डों में तब्दील हो चुकी हैं, आम जनता रोज हादसों का शिकार हो रही है और जब हर माह TL मीटिंग होती है तो कलेक्टर को जिले की ख़राब सड़कों ही हालत की जानकारी कैसे नहीं थी और अगर जानकारी नहीं थी तो ऐसे निष्क्रिय कलेक्टर को मुख्यमंत्री जी को तुरंत हटाना चाहिए। यह प्रशासनिक संवेदनहीनता और जनता की आंखों में धूल झोंकने की नाकाम कोशिश है। हमारी शांतिपूर्ण आवाज़ दबाने की कोशिश की जा रही है। बस्तर में सरकार आदिवासियों के साथ धोखा कर रही है, कोई भी विकास कार्य नहीं किया जा रहा है और पुलिस के बल पर विपक्ष और जनता की आवाज को दबाया जा रहा है।
आप की प्रमुख मांगें :
1. राज्य सरकार ‘एग्रीस्टेक’ और रकबा समर्पण के नाम पर किसानों को परेशान करना तुरंत बंद करे। यदि इस साल भी किसान आत्महत्या करते हैं तो इसकी जिम्मेदार स्थानीय तहसीलदार, एसडीएम और कलेक्टर होंगे ।
2. स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें: केंद्र सरकार स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को अविलंब लागू करे ताकि किसानों को उनकी फसल का वाजिब मूल्य मिल सके।
3. धान खरीदी की गारंटी: प्रदेश के लाखों किसान कर्ज के बोझ तले दबे हैं। यदि सरकार ने आगामी सीजन में सभी किसानों के पूरे धान की खरीदी नहीं की, तो किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
4. बलरामपुर में आप नेता पर जो केस दर्ज हुआ है उसे तुरंत वापस लिया जाए, जिले में सड़को का सुधार हो और लापरवाह कलेक्टर को तुरंत हटाया जाये।
5. प्रदेश में सरकार नकली और मिलावटी शराब का व्यापार करने वाले माफियाओं पर लगाम लगाएं ताकि आने वाले समय में शराब पीने से किसी की मौत ना हो।
आम आदमी पार्टी के नेताओं ने कहा कि बलरामपुर मामले में पार्टी हाईकोर्ट जायेगी और पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि किसानों को इस बार भी एग्रीस्टेक पंजीयन और रकबा समर्पण के नाम पर साजिश कर धान नहीं ख़रीदा गया और उनके हितों से खिलवाड़ बंद नहीं हुआ और बस्तर में सड़को और अन्य सुविधाओं का सुधार नहीं किया गया तो पार्टी प्रदेश स्तर पर उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।



