
रायपुर में 23 अगस्त को विधायक राजेश मूणत के नेतृत्व में विशाल कांवड़ यात्रा निकाली जाएगी। गुढ़ियारी से शुरू होकर यात्रा हटकेश्वरनाथ महादेव मंदिर तक पहुंचेगी। ‘बोल बम’ के जयघोष के बीच निकलने वाली इस यात्रा में करीब 10 हजार श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है। आयोजन को लेकर व्यापक तैयारियां की गई हैं।
यात्रा में देश के अलग-अलग राज्यों से आने वाले बैंड, धार्मिक एवं सांस्कृतिक दल विशेष प्रस्तुतियां देंगे। उत्तर प्रदेश, दिल्ली, केरल, महाराष्ट्र, ओडिशा, उज्जैन सहित छत्तीसगढ़ के विभिन्न दल आयोजन में आकर्षण का केंद्र रहेंगे।
CM साय और डॉ. रमन सिंह होंगे शामिल
कांवड़ यात्रा में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, पूर्व राज्यपाल रमेश बैस, रायपुर लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल सहित मंत्री और रायपुर के विधायक शामिल होंगे।
देशभर की सांस्कृतिक झलक
यात्रा में उत्तर प्रदेश और दिल्ली की महाकाल-अघोरी व महाकाली टीमें, विशाल नंदी, केरल का भारतनाट्यम, पारंपरिक बैंड और नृत्य, उज्जैन की डमरू महाकाल सवारी तथा महाराष्ट्र का प्रसिद्ध नागपुर ढोल विशेष आकर्षण होंगे। इसके अलावा खड़गपुर की मां काली टीम और ओडिशा के पारंपरिक दल भी अपनी प्रस्तुतियां देंगे।
छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर और कोरबा की अघोरी टीम, बेंद्री के लोक कलाकार, दुर्ग-भिलाई के धुमाल दल तथा रायपुर की राधा रानी धुमाल और महाकाल-अघोरी टीम भी यात्रा में शामिल होंगी।
धार्मिक झांकियां रहेंगी आकर्षण
कांवड़ यात्रा में शिव परिवार, राम-सीता दरबार, हनुमान वानर सेना, मुकुट हनुमान, बाहुबली हनुमान, भगवान परशुराम, जामवंत, गणेश, सुग्रीव, भोलेबाबा और महाकाल की झांकियां शामिल होंगी। 11 घोड़ों और दो बग्घियों के साथ लाइव सिंगिंग और लोक कलाकारों की प्रस्तुतियां भी यात्रा की भव्यता बढ़ाएंगी।
‘आस्था और संस्कृति का विराट उत्सव’
विधायक राजेश मूणत ने कहा कि पिछले आठ वर्षों में रायपुर की जनता और शिवभक्तों ने कांवड़ यात्रा को जिस आत्मीयता से अपनाया है, उससे यह आयोजन एक विराट धार्मिक जनउत्सव बन गया है। उन्होंने कहा कि कांवड़ उठाना भगवान भोलेनाथ के प्रति श्रद्धा, साधना और समर्पण की अभिव्यक्ति है। इस वर्ष भी प्रयास है कि यात्रा में शिवभक्ति के साथ भारतीय संस्कृति, सामाजिक समरसता और लोक परंपराओं की सुंदर झलक देखने को मिले।




