
बिलासपुर। लुतरा शरीफ में हजरत बाबा सैयद इंसान अली शाह का 68वां सालाना उर्स अकीदत और धार्मिक माहौल के बीच मनाया जा रहा है। उर्स के तहत गुरुवार, 1 अक्टूबर 2026 को जनाब सूफी जफर अली निजामी की ओर से पारंपरिक संदल-चादर पेश की गई। अम्मा की दरगाह से संदल और चादर लेकर अकीदतमंद बाबा सैयद इंसान अली शाह की दरगाह पहुंचे और श्रद्धापूर्वक फूल व चादर पेश की।
इस मौके पर देश और प्रदेश में अमन, शांति, आपसी भाईचारे तथा खुशहाली की दुआ की गई। संदल-चादर में बड़ी संख्या में जायरीन और अकीदतमंद शामिल हुए। दरगाह पहुंचकर लोगों ने अपनी अकीदत पेश की और सामूहिक रूप से दुआ में शामिल हुए।
बताया गया कि लुतरा शरीफ में सूफी जफर अली निजामी की ओर से संदल-चादर पेश किए जाने का यह लगातार 17वां वर्ष है। उर्स के अवसर पर उनकी ओर से तीन दिनों तक आम लंगर की व्यवस्था भी की जाती है, जिसमें दूर-दराज से आने वाले जायरीन और अकीदतमंद शामिल होते हैं।
संदल-चादर में बिलासपुर के अलावा पेंड्रा, भिलाई, दुर्ग, रायपुर सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। कार्यक्रम में बिलासपुर से मुफ्ती मोईन अशरफी निजामी, रायपुर से शेख राशिद, कासिफ रिजवी, शाहबाज खान और मोहम्मद अजीज तथा भिलाई से जोएब खान, मोनू भाई, शेख राजिक रजा और शेख शाहिद सहित अन्य अकीदतमंद मौजूद रहे।
उर्स के दौरान दरगाह परिसर में श्रद्धालुओं और जायरीनों की मौजूदगी बनी रही। लोगों ने बाबा की दरगाह पर चादर और फूल पेश कर मुल्क में अमन, आपसी भाईचारे और खुशहाली की दुआ मांगी।



