
रायपुर । खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में किसानों को धान विक्रय के लिए अधिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कबीरधाम जिले में सहकारी समितियों और धान उपार्जन केंद्रों का विस्तार किया गया है। उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा की पहल से जिले में प्रदेश में सर्वाधिक 48 नई सहकारी समितियों का गठन किया गया है। इसके साथ ही 37 नए धान उपार्जन केंद्र भी खोले गए हैं।
प्रदेश में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए कुल 525 नई सहकारी समितियों का गठन किया गया है, जिनमें सबसे अधिक 48 समितियां कबीरधाम जिले में स्थापित की गई हैं। इस विस्तार से किसानों को अपने गांव और आसपास के क्षेत्रों में धान बेचने के अधिक विकल्प मिलेंगे। इससे दूर स्थित खरीदी केंद्रों तक धान ले जाने में लगने वाले समय और परिवहन खर्च में भी कमी आएगी।
जिले में धान खरीदी व्यवस्था को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने संबंधित अधिकारियों को खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के अंतर्गत धान खरीदी की सभी तैयारियां समय-सीमा में पूरी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने किसानों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए खरीदी प्रक्रिया का सुचारू संचालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया है।
गांवों के संलग्नीकरण की सूची का किया गया वाचन
धान खरीदी व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए जिले के सभी 145 पुराने एवं नवीन सहकारी समितियों और धान उपार्जन केंद्रों में ग्रामों के संलग्नीकरण से संबंधित गैपिंग आदेश का वाचन किया गया। इस दौरान संबंधित गांवों के सरपंच, पंच, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और किसानों की उपस्थिति में सूची पढ़कर सुनाई गई।
इस प्रक्रिया का उद्देश्य गांवों को संबंधित सहकारी समितियों और धान उपार्जन केंद्रों से जोड़ने की व्यवस्था को स्पष्ट करना तथा किसानों की सुविधा के अनुरूप संलग्नीकरण सुनिश्चित करना है। सूची के वाचन के दौरान व्यवस्था को सर्वमान्य और सुविधाजनक बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया।
नई सहकारी समितियों के गठन और धान उपार्जन केंद्रों के विस्तार से कबीरधाम जिले में किसानों को स्थानीय स्तर पर धान विक्रय की सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। इससे आगामी खरीफ विपणन वर्ष में धान खरीदी व्यवस्था को अधिक सुलभ, व्यवस्थित और किसान हितैषी बनाने में मदद मिलेगी।




