छत्तीसगढ़राज्य

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का युवाओं को संदेश—बड़े सपने देखें, सफलता को राष्ट्रसेवा से जोड़ें

नुआखाई जुहार पर रायपुर में आयोजित सेवा सम्मान पर्व एवं युवा प्रबोधन कार्यक्रम में राष्ट्रपति ने युवाओं और महिलाओं की भागीदारी को बताया विकसित भारत की आधारशिला, रक्तदान महाकुंभ में 2,548 लोगों ने किया रक्तदान, 1,188 महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा

रायपुर । राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने युवाओं से बड़े सपने देखने, अपने ज्ञान और कौशल को निरंतर विकसित करने तथा व्यक्तिगत सफलता को समाज और राष्ट्र की सेवा से जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवाओं के प्रयास जब सामूहिक और राष्ट्रीय लक्ष्यों से जुड़ते हैं, तभी देश की प्रगति को नई गति मिलती है। राष्ट्रपति रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में नुआखाई जुहार के अवसर पर आयोजित ‘सेवा सम्मान पर्व एवं युवा प्रबोधन’ कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं। कार्यक्रम में राज्यपाल श्री रमेन डेका और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय सहित जनप्रतिनिधि, युवा, महिलाएं और समाज के विभिन्न वर्गों के लोग उपस्थित थे।

युवा बड़े सपने देखें, अपनी सफलता को समाज और राष्ट्र की सेवा से जोड़ें: राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु

नुआखाई हमारी कृषि संस्कृति और सामाजिक एकता का प्रतीक

राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने प्रदेशवासियों को नुआखाई की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व केवल नई फसल के स्वागत का उत्सव नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत, आपसी सद्भाव और सामुदायिक एकता का प्रतीक है। यह पर्व प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और अपनी परंपराओं को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का अवसर प्रदान करता है।

उन्होंने कहा कि अन्न किसान भाई-बहनों के परिश्रम, धरती की उदारता और प्रकृति के अनमोल उपहार का प्रतीक है। अन्न का सम्मान करना, किसानों के योगदान को स्वीकार करना और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करना सभी का सामूहिक दायित्व है।

युवा बड़े सपने देखें, अपनी सफलता को समाज और राष्ट्र की सेवा से जोड़ें

ज्ञान के साथ विनम्रता और सफलता के साथ सेवा भाव जरूरी

राष्ट्रपति ने युवाओं को निरंतर सीखने, पुस्तकें पढ़ने, प्रश्न पूछने और नए कौशल विकसित करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता और असफलता दोनों आती हैं। असफलताओं से निराश होने के बजाय उनसे सीखकर आगे बढ़ना चाहिए।

उन्होंने कहा कि युवाओं को ज्ञान के साथ विनम्रता, महत्वाकांक्षा के साथ नैतिकता और सफलता के साथ सेवा भाव अपनाना चाहिए। उनकी प्रतिभा जरूरतमंदों के काम आए और उनका ज्ञान सामाजिक समस्याओं के समाधान में योगदान दे, तभी उनकी उपलब्धियां वास्तविक अर्थों में सार्थक होंगी।

राष्ट्रपति ने कहा कि राष्ट्र का निर्माण केवल बड़े निर्णयों से नहीं, बल्कि करोड़ों नागरिकों के छोटे-छोटे ईमानदार प्रयासों से होता है। प्रत्येक युवा को अपने कार्य में ईमानदारी, निष्ठा और संवेदनशीलता बनाए रखनी चाहिए। यही गुण विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

विकसित भारत के लिए महिलाओं की समान भागीदारी आवश्यक

राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए महिलाओं की समान भागीदारी जरूरी है। देश की आधी आबादी को आगे बढ़ने के समान अवसर दिए बिना राष्ट्र अपनी पूरी क्षमता के साथ प्रगति नहीं कर सकता।

उन्होंने महिलाओं से समाज और राष्ट्र के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। साथ ही पुरुषों, विशेषकर युवाओं से आग्रह किया कि वे अपनी बहनों और बेटियों को ऐसा वातावरण दें, जहां वे बिना किसी बाधा के अपने सपनों को पूरा कर सकें। महिलाओं के प्रति सम्मान केवल शब्दों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि यह व्यवहार और दैनिक जीवन में भी दिखाई देना चाहिए।

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास की नई उम्मीद

छत्तीसगढ़ में हो रहे बदलावों का उल्लेख करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों के प्रयासों तथा युवाओं की दृढ़ इच्छाशक्ति से प्रदेश के युवा नक्सलवाद के भटकाव से निकलकर मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि जहां कभी आतंक का अंधेरा था, वहां आज विकास का उजियारा फैल रहा है। इस परिवर्तन से युवाओं और उनके परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहा है तथा छत्तीसगढ़ सहित देश के विकास को गति मिल रही है।

राष्ट्रपति का जीवन बेटियों और युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत: मुख्यमंत्री साय

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति का जीवन संघर्ष, सादगी, शिक्षा, सेवा और दृढ़ संकल्प की प्रेरणादायक मिसाल है।

ओडिशा के एक छोटे से गांव से देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचने की उनकी यात्रा विशेष रूप से देश की बेटियों, युवाओं और जनजातीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए प्रेरणास्रोत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति का मार्गदर्शन प्रदेश के युवाओं को बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की प्रेरणा देता है।

उन्होंने नुआखाई को छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच गहरे सामाजिक एवं सांस्कृतिक संबंधों का प्रतीक बताते हुए कहा कि ओडिया समाज ने अपनी मेहनत, सादगी और सेवाभाव से छत्तीसगढ़ के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। सेवा सम्मान पर्व और युवा प्रबोधन का आयोजन सांस्कृतिक परंपराओं को समाज सेवा तथा युवा सशक्तीकरण से जोड़ने का अवसर है।

शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के अवसरों पर जोर

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में युवाओं की निर्णायक भूमिका होगी। राज्य सरकार शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास, नवाचार और उद्यमिता के अवसरों का विस्तार कर रही है।

उन्होंने बताया कि चिकित्सा शिक्षा के विस्तार के लिए गीदम, कुनकुरी, जांजगीर-चांपा, मनेंद्रगढ़ और कवर्धा में पांच नए मेडिकल कॉलेज शुरू किए गए हैं। नवा रायपुर में नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की स्थापना की जा रही है, जहां प्रतिवर्ष लगभग चार हजार युवाओं को आधुनिक तकनीक और व्यावसायिक प्रशिक्षण देने का लक्ष्य है।

मुख्यमंत्री के अनुसार, छत्तीसगढ़ राज्य एआई मिशन के माध्यम से छह लाख विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है। नई औद्योगिक नीति के जरिए रोजगार और उद्यमशीलता को बढ़ावा दिया जा रहा है। छत्तीसगढ़ स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति के तहत युवाओं के नवाचारों को प्रोत्साहित करने के लिए 100 करोड़ रुपये का स्टार्टअप फंड बनाया गया है।

उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश में फॉरेंसिक यूनिवर्सिटी कैंपस, निफ्ट और नाइलिट जैसे संस्थानों की स्थापना की दिशा में पहल की गई है। चार वर्ष की सैन्य सेवा पूरी करने वाले छत्तीसगढ़ के अग्निवीरों को पुलिस आरक्षक, वनरक्षक और जेल प्रहरी की सीधी भर्ती में 10 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय भी लिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश के प्रत्येक युवा को आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराना है, ताकि उनकी प्रतिभा और क्षमता विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में योगदान दे सके।

राज्यपाल ने सेवा और सामाजिक सहयोग का किया आह्वान

राज्यपाल श्री रमेन डेका ने नुआखाई जुहार की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व धरती माता के प्रति कृतज्ञता, किसानों के परिश्रम के सम्मान और मिल-जुलकर खुशियां बांटने की परंपरा को मजबूत करता है।

उन्होंने राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु की उपस्थिति को प्रदेश के लिए प्रेरणादायक अवसर बताया। राज्यपाल ने युवाओं से नशे और भटकाव से दूर रहकर ज्ञान, कौशल एवं नवाचार के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ, शिक्षित, संस्कारित और सेवाभावी युवा ही सशक्त समाज एवं विकसित राष्ट्र की मजबूत आधारशिला हैं।

राज्यपाल ने रक्तदाताओं, विशेषकर महिला रक्तदाताओं की सराहना करते हुए रक्तदान को मानवता की महत्वपूर्ण सेवा बताया।

रक्तदान महाकुंभ में 2,548 लोगों ने किया रक्तदान

कार्यक्रम के दौरान सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित रक्तदान महाकुंभ की उपलब्धि भी सामने आई। इस अभियान में कुल 2,548 लोगों ने स्वेच्छा से रक्तदान किया, जिनमें 1,188 महिलाएं शामिल थीं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने रक्तदाताओं का अभिनंदन करते हुए कहा कि यह पहल छत्तीसगढ़ की सेवा भावना, सामाजिक सहभागिता और नारी शक्ति का उदाहरण है। रक्तदान जरूरतमंद लोगों के जीवन की रक्षा में महत्वपूर्ण योगदान देता है।

कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव और श्री विजय शर्मा, केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल, तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब, राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

राष्ट्रपति के संदेश, युवा प्रबोधन और रक्तदान महाकुंभ के माध्यम से कार्यक्रम में राष्ट्र निर्माण, महिला सशक्तीकरण, सामाजिक एकता और जनसेवा के महत्व को रेखांकित किया गया।

Related Articles

Back to top button