
रायपुर: छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में किसानों को सिंचाई की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के लिए जल संसाधन से जुड़ी परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है। इसी कड़ी में कांसाबेल क्षेत्र में 5 करोड़ 45 लाख रुपये की लागत से महादेवमुड़ा एनीकट कम काजवे का निर्माण कराया जा रहा है। इस परियोजना के पूरा होने पर लगभग 150 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा का लाभ मिलने की उम्मीद है। इससे खेती के लिए पानी की उपलब्धता बढ़ाने और जल संरक्षण को प्रोत्साहन मिलेगा।
किसानों को सिंचाई के लिए मिलेगा अतिरिक्त पानी
महादेवमुड़ा एनीकट कम काजवे परियोजना का उद्देश्य क्षेत्र में उपलब्ध जल संसाधनों का बेहतर उपयोग करना है। एनीकट के माध्यम से वर्षा के पानी को रोककर संग्रहित किया जा सकेगा, जिसका उपयोग कृषि कार्यों में किया जा सकता है। इससे बारिश पर निर्भर रहने वाले किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए अतिरिक्त पानी मिलने में मदद मिलेगी।
परियोजना पूरी होने के बाद किसानों को समय पर सिंचाई करने में सुविधा मिलने की संभावना है। इससे फसल उत्पादन में सुधार और खेती से जुड़ी चुनौतियों को कम करने में सहायता मिल सकती है।
150 हेक्टेयर कृषि भूमि को मिलेगा लाभ
इस परियोजना से कांसाबेल क्षेत्र की करीब 150 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। पानी की उपलब्धता बेहतर होने से किसानों को फसलों की जरूरत के अनुसार सिंचाई करने का अवसर मिलेगा।
इसके साथ ही किसान पारंपरिक फसलों के अलावा अन्य फसलों की खेती की संभावनाओं पर भी विचार कर सकेंगे। सिंचाई सुविधाओं का विस्तार कृषि उत्पादकता बढ़ाने और किसानों की आय में सुधार की दिशा में उपयोगी साबित हो सकता है।
जल संरक्षण और भू-जल स्तर सुधारने में मिलेगी मदद
महादेवमुड़ा एनीकट कम काजवे का निर्माण केवल सिंचाई तक सीमित नहीं है। इसके जरिए बारिश के दौरान बहने वाले पानी का संचयन करने में मदद मिलेगी। इससे स्थानीय जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और भू-जल पुनर्भरण को बढ़ावा मिलने की संभावना है।
जल संरक्षण की ऐसी परियोजनाएं ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। हालांकि, भू-जल स्तर पर इसका वास्तविक प्रभाव स्थानीय परिस्थितियों और जल संचयन की मात्रा पर निर्भर करेगा।
आवागमन की सुविधा भी होगी बेहतर
एनीकट के साथ काजवे का निर्माण होने से क्षेत्र में आवागमन को भी सहूलियत मिलने की उम्मीद है। इससे स्थानीय लोगों को आने-जाने में सुविधा हो सकती है। इस तरह परियोजना सिंचाई, जल संरक्षण और ग्रामीण अधोसंरचना के विकास के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
निर्धारित समय-सीमा में काम पूरा करने पर जोर
विभागीय जानकारी के अनुसार, निर्माण कार्य को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के लिए तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। परियोजना के पूरा होने के बाद किसानों को सिंचाई के लिए अतिरिक्त जल संसाधन उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और किसानों को बेहतर कृषि संसाधन उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। महादेवमुड़ा एनीकट कम काजवे के निर्माण से क्षेत्र में खेती-किसानी को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
किसानों ने मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार
परियोजना के निर्माण कार्य में तेजी आने से स्थानीय किसानों और ग्रामीणों में उम्मीद जगी है। उन्हें भरोसा है कि काम पूरा होने के बाद सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता बेहतर होगी और खेती से जुड़ी परेशानियों में कमी आएगी।
क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों ने इस परियोजना के निर्माण के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है। अब परियोजना के पूरा होने का इंतजार है, ताकि इसका लाभ किसानों और स्थानीय समुदाय को मिल सके।




