छत्तीसगढ़राज्यरायपुर

पुलिस स्मृति दिवस पर शहीद जवानों को नमन, मुख्यमंत्री ने परिजनों का किया सम्मान

  • मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बोले— जवानों के शौर्य और बलिदान से छत्तीसगढ़ में शांति एवं सुरक्षा को मिली मजबूती
  • नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति, बस्तर के दूरस्थ गांवों तक पहुंच रहीं बुनियादी सुविधाएं

रायपुर । पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने देश और प्रदेश की सुरक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीर पुलिसकर्मियों एवं सुरक्षा बलों के जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। राजधानी रायपुर के माना स्थित चौथी वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल परिसर में आयोजित स्मृति दिवस परेड में उन्होंने शहीद जवानों के अदम्य साहस, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा को याद करते हुए उनके परिजनों का सम्मान किया।

मुख्यमंत्री ने शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर अमर जवानों को नमन किया। इस दौरान उन्होंने शहीद पुलिस अधिकारियों एवं जवानों के परिवारों को शॉल, श्रीफल और स्मृति चिह्न भेंट कर उनके प्रति सम्मान और संवेदना व्यक्त की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के विरुद्ध मिली सफलता सुरक्षा बलों के साहस, समर्पण और सर्वोच्च बलिदान का परिणाम है। लंबे समय तक हिंसा से प्रभावित रहे बस्तर सहित प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में शांति, सुरक्षा और विश्वास का वातावरण तैयार करने में जवानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उनका बलिदान प्रदेश के विकास और सुरक्षा के प्रति हमारी जिम्मेदारी को और मजबूत करता है।

उन्होंने कहा कि पुलिस स्मृति दिवस केवल शहीदों को याद करने का अवसर नहीं, बल्कि उनके आदर्शों पर चलते हुए देश और समाज की सेवा करने का संकल्प लेने का दिन भी है। पुलिस और सुरक्षा बलों के जवान कठिन परिस्थितियों में भी नागरिकों की सुरक्षा तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए निरंतर कार्य करते हैं।

21 अक्टूबर को क्यों मनाया जाता है पुलिस स्मृति दिवस?

मुख्यमंत्री ने कहा कि 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स क्षेत्र में चीनी सैनिकों का सामना करते हुए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के दस जवान शहीद हुए थे। इन वीर जवानों की स्मृति में प्रत्येक वर्ष पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है। यह दिन देश की सुरक्षा और नागरिकों की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले सभी पुलिसकर्मियों एवं सुरक्षा बलों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है।

उन्होंने कहा कि किसी जवान की शहादत के पीछे उसके परिवार का त्याग, धैर्य और साहस भी जुड़ा होता है। राज्य सरकार शहीद परिवारों के सम्मान, सहयोग और कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। इन परिवारों का योगदान भी राष्ट्रसेवा की गौरवशाली परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

नक्सलवाद के खिलाफ संघर्ष में सुरक्षा बलों की अहम भूमिका

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के विरुद्ध अभियान में राज्य पुलिस, जिला रिजर्व गार्ड, बस्तर फाइटर्स और केंद्रीय सुरक्षा बलों ने कठिन परिस्थितियों में उल्लेखनीय भूमिका निभाई है। घने जंगलों और दुर्गम क्षेत्रों में जवानों ने अदम्य साहस के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन किया है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में केंद्र एवं राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से नक्सलवाद के विरुद्ध अभियान को गति मिली है। जवानों के त्याग और समर्पण को सदैव सम्मान के साथ याद किया जाएगा।

बस्तर में विकास और जनसुविधाओं के विस्तार पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर के जिन क्षेत्रों में पहले हिंसा और भय का प्रभाव था, वहां अब सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और संचार सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि दूरस्थ गांवों के लोगों को भी बुनियादी सुविधाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिले।

उन्होंने बताया कि नियद नेल्लानार योजना, प्रधानमंत्री जनमन योजना और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के माध्यम से जनजातीय एवं दूरस्थ क्षेत्रों में विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा के साथ विकास को प्राथमिकता देकर बस्तर सहित पूरे प्रदेश में स्थायी शांति और खुशहाली का वातावरण तैयार करना सरकार का लक्ष्य है।

पुलिस के आधुनिकीकरण और जवानों के कल्याण पर सरकार का ध्यान

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार पुलिस बल को आधुनिक संसाधनों और तकनीक से सुसज्जित करने, प्रशिक्षण व्यवस्था बेहतर बनाने तथा जवानों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। कानून का शासन स्थापित करना और नागरिकों में सुरक्षा एवं विश्वास की भावना मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ पुलिस और सुरक्षा बलों के जवान पूरी निष्ठा और संवेदनशीलता के साथ प्रदेश की सुरक्षा तथा शांति बनाए रखने में अपनी भूमिका निभाते रहेंगे।

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने शहीदों के योगदान को किया नमन

उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि देश और समाज की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले जवानों का योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। उन्होंने बताया कि 1 सितंबर 2025 से 31 अगस्त 2026 के दौरान नक्सलवाद के विरुद्ध अभियान में छत्तीसगढ़ पुलिस के कई जवानों ने सर्वोच्च बलिदान दिया।

उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों की कार्रवाई से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति और सुरक्षा स्थापित करने के प्रयासों को मजबूती मिली है। जवानों के साथ उनके परिवारों का त्याग भी सम्मान का पात्र है। सरकार और समाज का दायित्व है कि शहीद परिवारों को सम्मान और सहयोग मिलता रहे।

डीजीपी ने साझा की नक्सल विरोधी अभियान की जानकारी

पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम ने शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि पुलिस स्मृति दिवस राष्ट्र की सुरक्षा, अखंडता और लोकतांत्रिक व्यवस्था की रक्षा में अपने प्राण न्योछावर करने वाले जवानों को याद करने का अवसर है।

उन्होंने बताया कि 1 सितंबर 2025 से 31 अगस्त 2026 के बीच छत्तीसगढ़ पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों की नक्सल विरोधी कार्रवाइयों में 84 नक्सली मारे गए। इसी अवधि में छत्तीसगढ़ पुलिस के छह जवानों ने कर्तव्य निर्वहन के दौरान अपने प्राणों का बलिदान दिया।

डीजीपी ने शहीद परिवारों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि पुलिस परिवार उनके साथ खड़ा है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों और जवानों से शहीदों के आदर्शों को आत्मसात करते हुए जनसुरक्षा, कानून-व्यवस्था और राष्ट्रसेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखने का आह्वान किया।

शहीद वाटिका में अमर जवान स्तंभ पर अर्पित किए पुष्प

पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने रायपुर के राजीव स्मृति वन स्थित शहीद वाटिका पहुंचकर अमर जवान स्तंभ पर पुष्प अर्पित किए। उन्होंने शहीद जवानों के नामों की पट्टिका पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उनके अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान को नमन किया।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, विधायक श्री मोतीलाल साहू, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री विवेकानंद सिन्हा, पुलिस एवं सुरक्षा बलों के वरिष्ठ अधिकारी तथा शहीद जवानों के परिजन उपस्थित रहे।

Related Articles

Back to top button