
धमतरी । जिले में जल संरक्षण, भूजल संवर्धन और ग्रामीण परिवारों की आजीविका को मजबूत बनाने के उद्देश्य से 34 सामुदायिक डबरी निर्माण कार्यों को स्वीकृति दी गई है। इन कार्यों के लिए कुल 172.13 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। वीबी-जी रामजी योजना के अंतर्गत संचालित इस पहल से गांवों में वर्षा जल संचयन की क्षमता बढ़ाने और स्थानीय स्तर पर जल संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।
वर्षा जल संचयन से बढ़ेगी पानी की उपलब्धता
ग्रामीण क्षेत्रों में खेती और अन्य आजीविका गतिविधियों के लिए पानी की उपलब्धता महत्वपूर्ण है। विशेषकर वर्षा आधारित कृषि करने वाले किसानों के लिए सामुदायिक डबरियां उपयोगी साबित हो सकती हैं। इनमें वर्षा जल एकत्रित कर स्थानीय जरूरतों और उपलब्धता के अनुसार उपयोग किया जा सकेगा। इससे जल संसाधनों के प्रबंधन को बढ़ावा मिलने के साथ ग्रामीणों को पानी के वैकल्पिक स्रोत उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
सामुदायिक डबरी का एक प्रमुख उद्देश्य जल संरचना का लाभ नियमानुसार अधिक से अधिक ग्रामीण परिवारों तक पहुंचाना है। सामूहिक उपयोग और स्थानीय सहभागिता से जल संसाधनों के संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी भी बढ़ेगी।
कृषि और आजीविका के अवसरों को मिलेगा सहारा
डबरियों में संग्रहित पानी का उपयोग स्थानीय परिस्थितियों, जल उपलब्धता और तकनीकी उपयुक्तता के आधार पर कृषि एवं अन्य अनुमेय गतिविधियों में किया जा सकता है। इससे किसानों को खेती की बेहतर योजना बनाने और उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग करने में सहयोग मिल सकता है।
जहां पर्याप्त पानी और अनुकूल परिस्थितियां उपलब्ध हों, वहां नियमानुसार मत्स्य पालन जैसी गतिविधियों की संभावनाओं पर भी विचार किया जा सकता है। इस तरह जल संरक्षण से जुड़ी परिसंपत्तियों को आजीविका के अवसरों के साथ जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
निर्माण की गुणवत्ता और रखरखाव पर रहेगा ध्यान
सामुदायिक डबरियों की दीर्घकालीन उपयोगिता सुनिश्चित करने के लिए निर्माण में निर्धारित तकनीकी मानकों और विभागीय दिशा-निर्देशों का पालन जरूरी है। साथ ही कार्यों की नियमित निगरानी, समय-सीमा में निर्माण पूरा करने और निर्मित संरचनाओं के उचित रखरखाव पर जोर दिया जा रहा है।
जल संरचनाओं का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के लिए ग्रामीणों की भागीदारी भी महत्वपूर्ण होगी। जल संचयन, पानी के विवेकपूर्ण उपयोग और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ने से इन परिसंपत्तियों का लाभ लंबे समय तक मिल सकता है।
समय-सीमा में काम पूरा कराने के निर्देश
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री जयंत नाहटा ने बताया कि सामुदायिक डबरी निर्माण जल संरक्षण और ग्रामीण आजीविका संवर्धन की दृष्टि से महत्वपूर्ण पहल है। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देना और स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप जल संसाधनों की उपयोगिता बढ़ाना है।
उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में तकनीकी मानकों, गुणवत्ता और विभागीय दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है। जनपद पंचायतों और मैदानी अमले को कार्यों की नियमित निगरानी करने तथा निर्धारित समय-सीमा में निर्माण पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं। निर्मित परिसंपत्तियों के उचित रखरखाव और प्रभावी उपयोग पर भी ध्यान दिया जाएगा।
ग्रामीण विकास को मिलेगी स्थायी मजबूती
धमतरी जिले में स्वीकृत 34 सामुदायिक डबरी निर्माण कार्य जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन और ग्रामीण आजीविका को एक साथ आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। गुणवत्तापूर्ण निर्माण, सामुदायिक सहभागिता और नियोजित उपयोग के माध्यम से ये संरचनाएं गांवों में जल संचयन को बढ़ावा देने तथा कृषि आधारित गतिविधियों को सहयोग देने में उपयोगी हो सकती हैं।



