
रायपुर। छत्तीसगढ़ में सरकारी सेवाओं को आम नागरिकों तक सरल और सुविधाजनक तरीके से पहुंचाने के लिए राज्य सरकार डिजिटल व्यवस्था को बढ़ावा दे रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित ‘सेवा सेतु’ पहल के जरिए नागरिकों को विभिन्न शासकीय सेवाओं के लिए एक ही मंच पर आवेदन करने की सुविधा मिल रही है। इसका उद्देश्य सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने की जरूरत कम करना और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी बनाना है।
राज्य में सेवा सेतु के अंतर्गत 38 विभागों की कुल 939 सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके संचालन के लिए 16 हजार 773 सेवा केंद्रों का नेटवर्क बनाया गया है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इस प्लेटफॉर्म पर ऑनलाइन प्राप्त 55 लाख 13 हजार 672 आवेदनों पर कार्यवाही जारी है। वहीं, 21 हजार 582 अधिकारी-कर्मचारी इस व्यवस्था से जुड़कर सेवाओं के संचालन में योगदान दे रहे हैं।
एक मंच पर मिल रही हैं कई जरूरी सेवाएं
सेवा सेतु के माध्यम से नागरिक आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र, विवाह पंजीयन तथा गुमास्ता लाइसेंस जैसी विभिन्न शासकीय सेवाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। एक ही प्लेटफॉर्म पर अनेक सेवाएं उपलब्ध होने से लोगों को अलग-अलग कार्यालयों में जाने की परेशानी कम करने में मदद मिलती है। इससे आवेदन प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और सुविधाजनक बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
ग्रामीण और दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए भी यह व्यवस्था उपयोगी हो सकती है। ऐसे क्षेत्रों में सरकारी कामकाज के लिए लंबी दूरी तय करना कई बार परेशानी का कारण बनता है। सेवा केंद्रों के माध्यम से नागरिकों को आवेदन करने और डिजिटल प्रक्रिया समझने में सहायता मिल सकती है।
पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर
सेवा सेतु का उद्देश्य केवल ऑनलाइन आवेदन की सुविधा देना ही नहीं, बल्कि सरकारी सेवाओं के वितरण को अधिक व्यवस्थित बनाना भी है। डिजिटल माध्यम से आवेदन संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने और उनकी प्रक्रिया पर नजर रखने में मदद मिलती है। इससे प्रशासनिक कामकाज में पारदर्शिता बढ़ाने तथा आवेदनों के समयबद्ध निराकरण को प्रोत्साहित करने की दिशा में सहयोग मिल सकता है।
इस व्यवस्था में डिजिटल प्लेटफॉर्म के साथ सेवा केंद्रों की भूमिका भी अहम है। जिन नागरिकों को ऑनलाइन आवेदन करने में परेशानी होती है, वे सेवा केंद्रों से मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं। इससे तकनीक और जमीनी स्तर पर उपलब्ध सहायता के जरिए अधिक लोगों तक सरकारी सेवाएं पहुंचाने का रास्ता खुलता है।
जन-केंद्रित सुशासन की दिशा में पहल
राज्य सरकार का लक्ष्य शासकीय सेवाओं को अधिक सुलभ बनाना और नागरिकों को अनावश्यक प्रक्रियाओं से राहत दिलाना है। सेवा सेतु इसी दिशा में डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल का माध्यम बन रहा है। हालांकि, इसकी प्रभावशीलता आवेदनों के समय पर निराकरण, सेवाओं की गुणवत्ता और नागरिकों में डिजिटल सुविधाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर भी निर्भर करेगी।
सेवा सेतु के जरिए सरकार और आम जनता के बीच सेवाओं तक पहुंच को आसान बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इसका प्रमुख उद्देश्य यह है कि प्रदेश के नागरिकों को आवश्यक शासकीय सेवाएं सरल, सुविधाजनक और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध हो सकें।




