
रायपुर । छत्तीसगढ़ में राजस्व विभाग की ‘ऑटो डायवर्सन’ व्यवस्था से भूमि व्यपवर्तन की प्रक्रिया आसान और पारदर्शी हो रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में शुरू की गई इस तकनीक आधारित व्यवस्था से नागरिकों को ऑनलाइन आवेदन करने और निर्धारित समय-सीमा में प्रकरणों के निराकरण की सुविधा मिल रही है। जांजगीर-चांपा जिले में इस पहल के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।
जिले में अब तक ऑटो डायवर्सन व्यवस्था के तहत कुल 677 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 477 आवेदनों का निर्धारित समय-सीमा के भीतर निराकरण किया जा चुका है। इससे राजस्व संबंधी सेवाओं को डिजिटल बनाने और आम नागरिकों को राहत पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।
घर बैठे कर सकते हैं आवेदन
पहले भूमि व्यपवर्तन के लिए नागरिकों को आवेदन जमा करने, दस्तावेजों की औपचारिकताएं पूरी करने और अन्य प्रक्रियाओं के लिए सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने पड़ते थे। इससे समय और धन दोनों खर्च होते थे।
अब ऑनलाइन ऑटो डायवर्सन व्यवस्था के माध्यम से आवेदक घर बैठे आवेदन प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत कर सकते हैं। इससे अनावश्यक भागदौड़ कम हुई है और संबंधित प्रक्रियाओं को डिजिटल माध्यम से आगे बढ़ाना आसान हुआ है।
पारदर्शी और जवाबदेह राजस्व प्रशासन पर जोर
राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के विजन के अनुरूप राज्य सरकार कम समय में सरल सेवाएं उपलब्ध कराने और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से काम कर रही है।
उन्होंने ऑटो डायवर्सन व्यवस्था को राजस्व प्रशासन को अधिक जवाबदेह और पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। इस प्रणाली के माध्यम से भूमि संबंधी आवेदन, विवरण और व्यपवर्तन की प्रकृति से जुड़ी जानकारियों का व्यवस्थित रिकॉर्ड रखा जा रहा है।
नागरिकों को मिल रहे कई फायदे
ऑटो डायवर्सन व्यवस्था से नागरिकों को कई तरह की सुविधाएं मिल रही हैं। इनमें आवेदन प्रक्रिया में लगने वाले समय की बचत, आवेदन की स्थिति को ट्रैक करने की सुविधा और सरकारी कार्यालयों में अनावश्यक आवाजाही में कमी शामिल है।
इसके साथ ही डिजिटल प्रक्रिया से कार्यालयों का कार्यभार कम करने और राजस्व सेवाओं के संचालन को अधिक व्यवस्थित बनाने में मदद मिल रही है।
राज्य सरकार का उद्देश्य तकनीक के प्रभावी उपयोग से प्रशासनिक सेवाओं को सरल, सुलभ और पारदर्शी बनाना है, ताकि नागरिकों को सरकारी प्रक्रियाओं का लाभ आसानी से मिल सके। जांजगीर-चांपा जिले में ऑटो डायवर्सन व्यवस्था के तहत हुए निराकरण को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।




