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बस्तर दशहरा में पनका समाज के कथित अपमान पर AAP ने जताई नाराजगी, समीर खान ने की जांच और माफी की मांग

जगदलपुर, बस्तर। विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के आगमन के दौरान पनका समाज के प्रतिनिधियों के साथ कथित भेदभाव का मामला सामने आया है। इस मुद्दे पर आम आदमी पार्टी (AAP) ने नाराजगी जताते हुए सरकार और बस्तर दशहरा समिति से मामले की जांच कराने तथा प्रभावित समाज से माफी मांगने की मांग की है।

आम आदमी पार्टी के प्रदेश संगठन मंत्री एवं बस्तर जोन प्रभारी समीर खान ने सवाल उठाया कि क्या पनका समाज को राष्ट्रपति के समक्ष अपनी वर्षों पुरानी मांगें और समस्याएं रखने का अधिकार नहीं है? उन्होंने आरोप लगाया कि समाज के प्रतिनिधियों को सम्मानपूर्वक विदाई से पहले ही वापस भेज दिया गया।

निर्धारित स्थान पर दूसरे लोगों को बैठाने का आरोप

समीर खान ने आरोप लगाया कि लालबाग मैदान में पनका समाज के लिए निर्धारित स्थान पर दूसरे लोगों को बैठाया गया। उन्होंने कहा कि समाज के प्रतिनिधियों को राष्ट्रपति से मुलाकात का अवसर नहीं मिलना गंभीर सवाल खड़े करता है। हालांकि, इस संबंध में संबंधित प्रशासन या बस्तर दशहरा समिति का पक्ष सामने आना बाकी है।

बस्तर दशहरा की परंपराओं के सम्मान का मुद्दा उठाया

समीर खान ने कहा कि बस्तर दशहरा केवल एक सरकारी आयोजन नहीं, बल्कि क्षेत्र की आस्था, सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक व्यवस्थाओं से जुड़ा ऐतिहासिक पर्व है। मावली माता की परंपरा, जोगी बिठाई, मुरिया दरबार और मांझी-मुखिया, चालकी, पुजारी, सिरहा, गुनिया सहित विभिन्न पारंपरिक समुदायों की भागीदारी इसकी पहचान है।

उन्होंने कहा कि दशहरा आयोजन से पीढ़ियों से जुड़े समाजों और उनके प्रतिनिधियों की परंपराओं का सम्मान सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

सरकार और दशहरा समिति से की तीन मांगें

आम आदमी पार्टी ने इस मामले में सरकार और बस्तर दशहरा समिति के अध्यक्ष से सार्वजनिक माफी मांगने, प्रभावित समाज के प्रतिनिधियों के साथ संवाद करने और पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

समीर खान ने भाजपा सरकार से बस्तर की सांस्कृतिक परंपराओं को राजनीतिक आयोजन तक सीमित न रखने और सभी समाजों को उचित सम्मान देने की अपील की।

अन्य नेताओं ने भी जताई नाराजगी

इस मामले में बस्तर लोकसभा अध्यक्ष नरेंद्र नाथ, बल्लू भवानी और दांती पोयम सहित क्षेत्र के कुछ आदिवासी नेताओं ने भी नाराजगी जताई है। अब इस मामले में प्रशासन और बस्तर दशहरा समिति की प्रतिक्रिया का इंतजार है।

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