
रायपुर/जगदलपुर। बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रहे चक्रवाती सिस्टम का असर छत्तीसगढ़ के मौसम पर पड़ने की संभावना है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 27 अक्टूबर से प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं, जबकि 28 और 29 अक्टूबर को कुछ इलाकों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश होने की आशंका है। इसे देखते हुए किसानों को फसलों की सुरक्षा के लिए सतर्क रहने की सलाह दी गई है। <Cite refs={[“turn690241search2″,”turn690241search4”]}/>
किसानों को धान कटाई रोकने की सलाह
बदलते मौसम को देखते हुए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय ने किसानों के लिए मौसम आधारित कृषि सलाह जारी की है। किसानों को फिलहाल धान की कटाई टालने और पहले से काटी गई फसल को सुरक्षित एवं ढके हुए स्थान पर रखने की सलाह दी गई है।
खेतों में बारिश का पानी जमा होने से फसलों को नुकसान हो सकता है। इससे बचने के लिए खेतों में उचित जल निकासी की व्यवस्था करने पर जोर दिया गया है। किसानों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने और कृषि विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार खेती से जुड़े काम करने की सलाह दी गई है।
मंत्री रामविचार नेताम ने अधिकारियों को सतर्क रहने के दिए निर्देश
चक्रवाती सिस्टम के संभावित प्रभाव को देखते हुए मंत्री रामविचार नेताम ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों से मौसम की स्थिति पर लगातार निगरानी रखने और किसानों व ग्रामीणों तक समय पर जरूरी जानकारी पहुंचाने को कहा गया है।
भारी बारिश की आशंका के मद्देनजर प्रशासनिक तैयारियों और आवश्यक सावधानियों पर भी ध्यान दिया जा रहा है, ताकि संभावित नुकसान को कम किया जा सके।
खातीगुड़ा बांध से पानी छोड़े जाने की जानकारी
इंद्रावती नदी पर बने ओडिशा के खातीगुड़ा बांध के दो गेट खोले जाने की जानकारी सामने आई है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, गेट नंबर 3 और 6 से पानी छोड़ा जा रहा है। इससे इंद्रावती नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी की आशंका जताई गई है।
बताया गया है कि पानी का बहाव आगे बढ़ने के साथ बस्तर जिले और जगदलपुर क्षेत्र में नदी के जलस्तर पर असर पड़ सकता है। हालांकि, पानी छोड़े जाने की मौजूदा स्थिति, प्रवाह की दर और संभावित जलस्तर वृद्धि की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।
बस्तर और जगदलपुर में नदी किनारे रहने वालों को सतर्क रहने की सलाह
बारिश और नदी के जलस्तर में संभावित बढ़ोतरी को देखते हुए इंद्रावती नदी के आसपास रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। नदी किनारे जाने, तेज बहाव वाले पानी में उतरने और जलस्तर बढ़ने की स्थिति में नदी पार करने से बचना चाहिए।
स्थानीय लोगों को जिला प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने और मौसम व नदी के जलस्तर से जुड़ी ताजा जानकारी पर नजर रखने की सलाह दी जाती है।
मौसम को लेकर जरूरी अपडेट: छत्तीसगढ़ में बारिश का प्रभाव जिले और क्षेत्र के अनुसार अलग-अलग हो सकता है। किसानों और आम नागरिकों को भारत मौसम विज्ञान विभाग तथा स्थानीय प्रशासन की ताजा चेतावनियों के आधार पर ही जरूरी निर्णय लेने चाहिए।




