
रायपुर । छत्तीसगढ़ के पुराने बिजली बिलों के बकाये से परेशान उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत की खबर है। मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना-2026 की अवधि अब बढ़ाकर 31 दिसंबर 2026 कर दी गई है। योजना के तहत राजनांदगांव क्षेत्र के चार जिलों में अब तक 65,062 उपभोक्ताओं को लाभ मिल चुका है।
छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के राजनांदगांव क्षेत्र में योजना के माध्यम से पात्र उपभोक्ताओं के पुराने बकाये और अधिभार में अब तक करीब 19 करोड़ 46 लाख रुपये की छूट दी गई है। वहीं लाभार्थी उपभोक्ताओं ने लगभग 5 करोड़ 89 लाख रुपये की बकाया राशि जमा की है।
चार जिलों के उपभोक्ताओं को मिल रहा लाभ
योजना का क्रियान्वयन राजनांदगांव, कबीरधाम, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिलों में किया जा रहा है। इसमें पात्र बीपीएल, घरेलू और कृषि श्रेणी के उपभोक्ताओं को पुराने बकाये के निपटारे पर निर्धारित नियमों के अनुसार राहत दी जा रही है।
लाभान्वित उपभोक्ताओं में 31,392 निष्क्रिय और 33,669 सक्रिय पात्र उपभोक्ता शामिल हैं। योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों और किसानों को पुराने बिजली बिलों के बोझ से राहत दिलाना है।
कवर्धा और पंडरिया में सबसे अधिक लाभ
राजनांदगांव क्षेत्र के विभिन्न विद्युत संभागों में उपभोक्ताओं ने योजना का लाभ उठाया है। कवर्धा संभाग में 24,415, पंडरिया में 21,234, राजनांदगांव में 6,023, डोंगरगढ़ में 5,351, खैरागढ़ में 3,670, मोहला में 3,076 और डोंगरगांव संभाग में 1,293 उपभोक्ता लाभान्वित हुए हैं।
66 वितरण केंद्रों और 3 जोनों में अभियान
पात्र उपभोक्ताओं तक योजना की जानकारी पहुंचाने के लिए राजनांदगांव क्षेत्र के 66 वितरण केंद्रों और 3 जोनों में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। विभागीय अधिकारी और कर्मचारी ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्रों में जाकर उपभोक्ताओं को योजना की पात्रता, छूट और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी दे रहे हैं।
31 दिसंबर तक उठाएं योजना का लाभ
मुख्य अभियंता श्री हर्ष कुमार मेश्राम ने ऐसे पात्र उपभोक्ताओं से समय रहते योजना का लाभ लेने की अपील की है, जिनके बिजली बिल का बकाया 31 मार्च 2023 से पहले का है।
उपभोक्ता अपने नजदीकी विद्युत वितरण केंद्र या जोन कार्यालय में संपर्क कर बकाया राशि का निपटारा कर सकते हैं। पुराने बिल का समाधान होने से उपभोक्ताओं को आर्थिक राहत मिलेगी और बिजली सेवाओं को नियमित बनाए रखने में भी मदद मिलेगी।
योजना की अंतिम तिथि: 31 दिसंबर 2026




