
छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तीकरण अब केवल एक संकल्प नहीं, बल्कि लाखों परिवारों के जीवन में दिखाई देने वाला बदलाव बन रहा है। महतारी वंदन योजना ने प्रदेश की माताओं-बहनों को आर्थिक संबल देकर उनके आत्मसम्मान, आत्मविश्वास और स्वावलंबन को मजबूत आधार दिया है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दुर्ग में आयोजित कार्यक्रम में योजना की 32वीं किस्त जारी की। इसके तहत प्रदेश की 67 लाख 38 हजार 217 पात्र महिलाओं के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से 632 करोड़ 40 लाख रुपये से अधिक की राशि पहुंची। योजना के माध्यम से अब तक महिलाओं को 20,708 करोड़ रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता प्रदान की जा चुकी है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मातृशक्ति का सम्मान और आर्थिक सशक्तीकरण सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। उनके अनुसार, जब परिवार की महिला आर्थिक रूप से मजबूत होती है, तो उसका सकारात्मक प्रभाव बच्चों की शिक्षा, परिवार के स्वास्थ्य, पोषण और भविष्य से जुड़े निर्णयों पर भी दिखाई देता है।
हर महीने मिलता आर्थिक संबल
1 मार्च 2024 से प्रभावी महतारी वंदन योजना के तहत पात्र महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता सीधे उनके बैंक खातों में दी जा रही है। प्रत्यक्ष लाभ अंतरण की व्यवस्था ने महिलाओं को आर्थिक संसाधनों पर सीधा अधिकार दिया है।
यह राशि अनेक परिवारों में रोजमर्रा की जरूरतों, बच्चों की पढ़ाई, पोषण, स्वास्थ्य और छोटी बचत के साथ-साथ आजीविका से जुड़ी गतिविधियों के लिए उपयोग हो रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह सहायता केवल बैंक खाते में पहुंचने वाली राशि नहीं, बल्कि माताओं-बहनों के आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता को नई शक्ति देने वाला माध्यम है।
दुर्ग की महिलाओं को भी मिला सीधा लाभ
महतारी वंदन योजना की 32वीं किस्त के तहत दुर्ग जिले की 3 लाख 89 हजार 507 महिलाओं के खातों में 37 करोड़ 19 लाख रुपये से अधिक की राशि अंतरित की गई।
नियमित आर्थिक सहायता से महिलाओं की घरेलू निर्णयों में भागीदारी बढ़ रही है और परिवार की आर्थिक व्यवस्था में उनकी भूमिका मजबूत हो रही है।
विकास की नई रफ्तार पर दुर्ग
मातृशक्ति को आर्थिक संबल देने के साथ ही दुर्ग जिले को विकास की विभिन्न परियोजनाओं की बड़ी सौगात मिली। मुख्यमंत्री श्री साय ने कुल 218 करोड़ 48 लाख रुपये से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया।
इन परियोजनाओं का प्रभाव सीधे तौर पर सड़क, सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास और विद्युत अधोसंरचना जैसे क्षेत्रों पर पड़ेगा।
बेहतर सड़कें, बेहतर कनेक्टिविटी
दुर्ग जिले में विभिन्न सड़क परियोजनाओं के माध्यम से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच संपर्क को मजबूत किया जा रहा है। सड़क चौड़ीकरण और मजबूतीकरण से आवागमन अधिक सुरक्षित और सुगम होगा तथा शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार और रोजगार के केंद्रों तक लोगों की पहुंच आसान होगी।
युवाओं के कौशल पर विशेष जोर
आईटीआई दुर्ग के उन्नयन कार्य का लोकार्पण युवाओं के कौशल विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं से युवाओं को उद्योगों की बदलती जरूरतों के अनुरूप तकनीकी दक्षता हासिल करने का अवसर मिलेगा।
इसके साथ ही शासकीय पॉलिटेक्निक दुर्ग और लाइवलीहुड कॉलेज से जुड़े अधोसंरचना विकास कार्य युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के लिए बेहतर तैयार करने में सहायक होंगे।
सिंचाई और जल प्रबंधन को मजबूती
दुर्ग जिले में विभिन्न जलाशयों के जीर्णोद्धार, नहर लाइनिंग और सिंचाई व्यवस्था के विस्तार से किसानों को लाभ मिलेगा। जल संरक्षण और बेहतर प्रबंधन के माध्यम से खेती के लिए पानी की उपलब्धता को मजबूत करने की दिशा में कार्य किए जा रहे हैं।
स्वास्थ्य शिक्षा का विस्तार
चिकित्सा महाविद्यालय के विद्यार्थियों के लिए छात्रावास और जीएनएम प्रशिक्षण केंद्र जैसी परियोजनाएं स्वास्थ्य क्षेत्र की अधोसंरचना को मजबूत करेंगी। इससे चिकित्सा एवं नर्सिंग शिक्षा के विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और भविष्य के लिए प्रशिक्षित स्वास्थ्य मानव संसाधन तैयार होगा।
मजबूत होगी बिजली व्यवस्था
पाटन क्षेत्र में नए विद्युत उपकेंद्र, उच्च दाब ट्रांसमिशन लाइन और अतिरिक्त विद्युत बे के निर्माण से क्षेत्र की विद्युत अधोसंरचना मजबूत होगी। इससे बिजली की विश्वसनीयता और आपूर्ति क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
मातृशक्ति के सामर्थ्य से विकसित छत्तीसगढ़
महतारी वंदन योजना और दुर्ग में शुरू किए गए विकास कार्य विकास के दो महत्वपूर्ण आयामों को सामने रखते हैं—जनकल्याण और मजबूत अधोसंरचना।
एक ओर महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर सड़क, सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का कहना है कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में मातृशक्ति की भूमिका निर्णायक है। आर्थिक रूप से सशक्त महिला, मजबूत परिवार की आधारशिला बनती है और मजबूत परिवार ही समृद्ध समाज का निर्माण करता है।




