
रायपुर । महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से संचालित छत्तीसगढ़ सरकार की महतारी वंदन योजना ग्रामीण अंचलों में महिलाओं के लिए आर्थिक सुरक्षा का माध्यम बन रही है। नारायणपुर जिले के सुदूर ग्राम बेनूर की रहने वाली रामदई कुलदीप के जीवन में भी इस योजना ने सकारात्मक बदलाव लाया है।
इलाज और दवाइयों के खर्च में मिली राहत
रामदई कुलदीप बताती हैं कि पहले छोटी-छोटी स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों, दवाइयों और दैनिक खर्चों के लिए उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। सीमित संसाधनों के कारण कई बार उन्हें अपनी आवश्यकताओं को टालना पड़ता था।
महतारी वंदन योजना के तहत मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता ने उनकी यह चिंता काफी हद तक कम की है। अब वह इस राशि का उपयोग अपने इलाज और नियमित दवाइयों के खर्च को पूरा करने में कर रही हैं।
घरेलू जरूरतों में भी मिल रहा सहारा
रामदई के अनुसार योजना से मिलने वाली राशि केवल स्वास्थ्य संबंधी खर्चों तक सीमित नहीं है। परिवार की जरूरत के समय यह राशि उनके लिए अतिरिक्त आर्थिक सहारा बनती है। इससे वे अपनी प्राथमिकताओं के अनुसार रोजमर्रा के घरेलू खर्चों को पूरा कर पा रही हैं।
आर्थिक आत्मनिर्भरता से बढ़ा आत्मविश्वास
रामदई का कहना है कि हर महीने मिलने वाली सुनिश्चित सहायता ने उनमें आर्थिक सुरक्षा की भावना को मजबूत किया है। अब छोटी-मोटी जरूरतों के लिए उन्हें दूसरों पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहना पड़ता। अपनी आवश्यकताओं पर स्वयं खर्च करने की क्षमता ने उनके आत्मविश्वास को भी बढ़ाया है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं के हाथ में नियमित आर्थिक सहायता होने से न केवल उनकी जरूरतें पूरी होती हैं, बल्कि परिवार में उनके निर्णय लेने की क्षमता और आत्मसम्मान भी मजबूत होता है।
सरकार के प्रति जताया आभार
अपने जीवन में आए बदलाव से खुश रामदई कुलदीप ने छत्तीसगढ़ सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। उनका कहना है कि महतारी वंदन योजना उनके लिए केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का संबल बनकर सामने आई है।
उनकी कहानी ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और उन्हें अपनी जरूरतों के लिए अधिक आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में योजना के प्रभाव को दर्शाती है।




