स्वतंत्रता दिवस पर टीम इंडिया का शानदार तोहफा, वेल्स को 3-1 से हराकर हॉकी वर्ल्ड कप में विजयी आगाज

एम्सटेलवीन। भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने शनिवार को एफआईएच हॉकी विश्व कप 2026 के पूल डी मुकाबले में वेल्स को 3-1 से हराकर टूर्नामेंट का शानदार आगाज किया। कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने दो गोल दागे, जबकि संजय ने एक गोल कर भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई।
लगभग 10 हजार दर्शकों की क्षमता वाले वेगनेर स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में भारत ने शुरुआती क्वार्टर में ही 2-0 की बढ़त बना ली थी। संजय ने आठवें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर से गोल कर भारत का खाता खोला। इसके तीन मिनट बाद कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने एक और पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर भारत की बढ़त दोगुनी कर दी।
हरमनप्रीत ने फिर दागा गोल
तीसरे क्वार्टर में भी भारत ने अपना दबदबा बनाए रखा। 43वें मिनट में मिले पेनल्टी कॉर्नर को हरमनप्रीत सिंह ने शानदार ड्रैग-फ्लिक के जरिए गोल में बदल दिया। यह उनका मैच का दूसरा गोल था और भारत 3-0 से आगे हो गया। हरमनप्रीत को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।
वेल्स ने अंतिम क्वार्टर में वापसी की कोशिश की। 56वें मिनट में सैम वेल्श ने गोल कर अंतर 3-1 कर दिया। इसके बाद भारतीय डिफेंस ने मजबूती से मोर्चा संभाला और वेल्स को दूसरा गोल करने का मौका नहीं दिया।
शुरुआती मिनटों में वेल्स ने बनाया दबाव
मुकाबले की शुरुआत में वेल्स ने आक्रामक खेल दिखाया और शुरुआती पांच मिनट तक गेंद पर अच्छा कब्जा बनाए रखा। दूसरे मिनट में जैक प्रिचार्ड ने भारतीय सर्कल में प्रवेश कर शॉट लगाया, लेकिन भारतीय गोलकीपर सूरज करकेरा ने शानदार बचाव किया।
इसके बाद भारत ने जवाबी हमला शुरू किया और सातवें मिनट में हार्दिक सिंह ने पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया। पहला प्रयास सफल नहीं रहा, लेकिन गेंद रशर के पैर से लगने के कारण भारत को दूसरा मौका मिला। इस बार संजय ने तेज और सटीक ड्रैग-फ्लिक से गोल कर भारत को बढ़त दिला दी।
11वें मिनट में भारत को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला और हरमनप्रीत ने बिना कोई गलती किए गेंद को गोल में पहुंचा दिया।
भारत की नजरें अब इंग्लैंड पर
इस जीत के साथ भारत ने पूल डी में अपने अभियान की मजबूत शुरुआत की है। टीम का अगला मुकाबला 17 अगस्त को इंग्लैंड से होगा। पूल डी में भारत, इंग्लैंड, वेल्स और पाकिस्तान शामिल हैं।
भारत 1975 के बाद से हॉकी विश्व कप खिताब नहीं जीत सका है। 2023 में भुवनेश्वर में हुए विश्व कप में टीम नौवें स्थान पर रही थी। इस बार भारतीय टीम का लक्ष्य लंबे इंतजार को खत्म कर विश्व कप में पदक जीतना है।




