क्या UPI पेमेंट पर देना पड़ेगा चार्ज? RBI गवर्नर ने बताया किसकी जेब से जाएगा पैसा?

UPI MDR Charges : क्या UPI से पेमेंट करना महंगा होने वाला है? क्या ₹2,000 से ज्यादा के UPI ट्रांजैक्शन पर ग्राहकों को अतिरिक्त चार्ज देना पड़ेगा? इन सवालों के बीच RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने साफ किया है कि अभी इस बारे में कुछ भी तय नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि अगर भविष्य में UPI पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू होता है, तो उसका खर्च कौन उठाएगा।
फिलहाल ग्राहकों, दुकानदारों या किसी भी तरह के UPI ट्रांजैक्शन पर कोई नया चार्ज लागू नहीं किया गया है। सरकार ने अभी तक न तो MDR की कोई दर तय की है और न ही ₹2,000 की कोई सीमा आधिकारिक रूप से घोषित की है।
सरकारी अधिकारियों के हवाले से आई रिपोर्टों के अनुसार सरकार एक ऐसे मॉडल पर विचार कर रही है जिसमें ₹2,000 से अधिक के बिजनेस UPI ट्रांजैक्शन पर 0.25% से 0.40% तक MDR लगाया जा सकता है। कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि यह शुल्क केवल व्यापारियों के लिए होगा और व्यक्ति से व्यक्ति (Person-to-Person) होने वाले UPI ट्रांजैक्शन पहले की तरह मुफ्त रह सकते हैं। हालांकि सरकार ने अभी इस पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है।
सरकार ने जनवरी 2020 में UPI और RuPay डेबिट कार्ड ट्रांजैक्शन पर Zero MDR लागू किया था, ताकि देश में डिजिटल भुगतान को बढ़ावा मिल सके। इसके बाद सरकार समय-समय पर बैंकों और पेमेंट कंपनियों को प्रोत्साहन राशि भी देती रही है, ताकि कम मूल्य वाले UPI ट्रांजैक्शन की लागत का कुछ हिस्सा पूरा किया जा सके।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में Taxation and Other Laws (Amendment) Bill, 2026 पेश किया है। मौजूदा नियमों के तहत Payment and Settlement Systems Act की धारा 10A के कारण UPI और RuPay डेबिट कार्ड पर Zero MDR लागू है। प्रस्तावित संशोधन के बाद केंद्र सरकार को यह अधिकार मिल जाएगा कि वह तय करे कि किन डिजिटल पेमेंट माध्यमों पर आगे भी Zero MDR रहेगा और किन पर शुल्क लगाया जा सकता है। यानी बिल खुद कोई चार्ज नहीं लगाता, बल्कि सरकार को भविष्य में ऐसा निर्णय लेने का अधिकार देता है।



