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लोकसभा में पास हुआ Taxation Bill 2026, जानिए किसे मिलेगी टैक्स छूट और क्या बदलेगा

लोकसभा में Taxation Bill 2026 को मंजूरी दे दी गई है. सरकार का कहना है कि इस बिल का मकसद देश में निवेश बढ़ाना, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देना और टैक्स से जुड़े कुछ नियमों को आसान बनाना है. नए बिल में डिजिटल पेमेंट, इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री और कारोबार से जुड़े कई जरूरी बदलाव किए गए हैं. सरकार का मानना है कि इससे भारत में नई फैक्ट्रियां लगाने, रोजगार बढ़ाने और डिजिटल ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी. 

ये एक ऐसा संशोधन बिल है जिसमें टैक्स और उससे जुड़े कुछ पुराने नियमों में बदलाव किए गए हैं. सरकार का कहना है कि इन बदलावों से कारोबार करना आसान होगा और देश में निवेश बढ़ेगा. खास तौर पर इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर के लिए लंबे समय तक टैक्स राहत का रास्ता साफ किया गया है.

सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े टैक्स रिलीफ के पीरियड को बढ़ाने का फैसला लिया है. अब इस सेक्टर को मिलने वाली छूट 2041 तक जारी रखने का प्रावधान किया गया है. इसी के साथ बिल में एआई और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए भी बड़े बदलाव किए गए हैं. विदेशी क्लाउड कंपनियों के लिए भारत में डेटा सेंटर खोलना आसान हो जाएगा, जिससे AI Data Cities बनने की उम्मीद है. इसके साथ रफ डायमंड (कच्चे हीरे) के कारोबार को बढ़ावा मिलेगा. इससे कंपनियों को लंबे समय तक निवेश करने की प्लानिंग करने में आसानी होगी.

बिल में डिजिटल पेमेंट से जुड़े नियमों में भी बदलाव किया गया है. सरकार चाहती है कि लोग ज्यादा से ज्यादा ऑनलाइन पेमेंट करें और कारोबारियों को भी डिजिटल ट्रांजेक्शन में आसानी मिले. इससे देश में डिजिटल इकोनॉमी को मजबूती मिलने की उम्मीद है.

इस बिल में नौकरी करने वाले लोगों के इनकम टैक्स स्लैब या टैक्स दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. इसका मतलब फिलहाल सैलरी वाले लोगों को डॉयरेक्ट टैक्स में कोई नई छूट नहीं मिलेगी. हालांकि अगर इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में इंवेस्टमेंट बढ़ेगा तो रोजगार के नए मौके बन सकते हैं और इसका फायदा आम लोगों को भी मिल सकता है.

सरकार ने कहा कि भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का बड़ा सेंटर बनाने के लिए लंबे समय तक स्टेबल टैक्स पॉलिसी जरूरी है. इसलिए ये बिल लाया गया है ताकि देश और विदेश की कंपनियां भारत में निवेश करने के लिए आगे आएं और ‘मेक इन इंडिया’ कैंपेन को और मजबूती मिले.

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