बेंगलुरु के डे-केयर सेंटर में मासूम से हैवानियत, वॉशिंग मशीन में बंद कर बच्चे को डराया

बेंगलुरु में एक बड़ी आईटी कंपनी के परिसर में चल रहे बच्चों के डे-केयर सेंटर यानी शिशु गृह से दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां 2 से 3 साल के एक मासूम बच्चे के साथ बेरहमी और बदसलूकी की गई है। इस घटना के कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिसमें वहां काम करने वाली महिलाएं बच्चे के साथ बेहद गलत व्यवहार करती दिख रही हैं। वीडियो सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है।
वॉशिंग मशीन के ड्रम में बंद किया, टॉयलेट में रुलाया
वायरल वीडियो में दिख रहा है कि एक मासूम बच्चे को टॉयलेट में बंद कर दिया गया है। बच्चा फर्श पर लेटा हुआ है और डर के मारे जोरों से रो रहा है। वहीं वहां मौजूद एक महिला उसका वीडियो बना रही है। एक और वीडियो में महिला बच्चे को टॉयलेट सीट पर बैठाकर उसके मुंह पर सीधे पानी का जेट स्प्रे मार रही है। क्रूरता की हद तो तब हो गई जब बच्चे को कपड़े धोने वाली फ्रंट लोड वॉशिंग मशीन के गोल ड्रम के अंदर बैठा दिया गया और उसे बुरी तरह डराया गया। यह पूरी घटना 29 जून को सामने आई है।
माता-पिता ड्यूटी पर थे, पीछे से बच्चों के साथ हुई प्रताड़ना
पुलिस के आला अधिकारी ने बताया कि इस सेंटर में आने वाले बच्चों के माता-पिता इसी कैंपस में बड़े पदों पर काम करते हैं। वे ड्यूटी के दौरान अपने बच्चों को सुरक्षित समझकर यहां छोड़ जाते थे। वीडियो देखने के बाद माता-पिता और पुलिस अधिकारी दोनों हैरान हैं। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस सेंटर को कंपनी खुद चला रही थी या किसी बाहरी एजेंसी को इसका ठेका दिया गया था। पुलिस ने मामले में 5 महिला कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है।
कंपनी ने सेंटर को किया बंद
विवाद बढ़ने के बाद कंपनी ने बयान जारी कर कहा है कि उनके कर्मचारियों और परिवारों की सुरक्षा सबसे ऊपर है। कंपनी पुलिस की जांच में पूरा सहयोग कर रही है। एहतियात के तौर पर बेंगलुरु के इस सेंटर को फिलहाल के लिए बंद कर दिया गया है। आपको बता दें कि यह कंपनी दुनिया की बड़ी तकनीकी कंपनियों में से एक है, जिसका मुख्यालय फ्रांस के पेरिस में है। यह कंपनी सॉफ्टवेयर, क्लाउड और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में काम करती है। दुनिया के 50 से ज्यादा देशों में इसके दफ्तर हैं, जहां करीब 3.5 लाख कर्मचारी काम करते हैं। भारत के भी कई बड़े शहरों में इसके मुख्य दफ्तर मौजूद हैं।




