
रायपुर । विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। उनकी प्रतिभा, तकनीकी ज्ञान और नवाचार की क्षमता देश को प्रगति की नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकती है। युवाओं को अपनी शिक्षा और कौशल का उपयोग केवल व्यक्तिगत सफलता के लिए नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के विकास के लिए भी करना चाहिए। यह बात उप मुख्यमंत्री एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने रायपुर स्थित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) में आयोजित दो दिवसीय यूथ कॉनक्लेव-कम-नेशनल कॉन्फ्रेंस के समापन समारोह में कही।
उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने के लिए काम कर रही है। देश में युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने, नए विचारों पर काम करने और आगे बढ़ने के अवसर मिल रहे हैं। आज के युवा अपनी योग्यता और ज्ञान के बल पर न केवल अपना भविष्य संवार सकते हैं, बल्कि भारत को वैश्विक स्तर पर नई पहचान भी दिला सकते हैं।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना वर्तमान युवा पीढ़ी के भविष्य से जुड़ा हुआ है। आने वाले समय में देश की विकास यात्रा का नेतृत्व आज के युवा ही करेंगे। इसलिए उन्हें अभी से अपनी जिम्मेदारियों को समझते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
तकनीकी ज्ञान का उपयोग जनहित में करें युवा
उप मुख्यमंत्री ने इंजीनियरिंग और तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों से अपने ज्ञान को समाज की समस्याओं के समाधान से जोड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि शोध, तकनीकी नवाचार और नए प्रयोग देश की प्रगति के महत्वपूर्ण आधार हैं। युवाओं को ऐसे विचारों और परियोजनाओं पर काम करना चाहिए, जिनसे आम लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आए।
उन्होंने विश्वास जताया कि दो दिवसीय सम्मेलन में विद्यार्थियों, प्राध्यापकों और वैज्ञानिकों के बीच हुए विचार-विमर्श से नए दृष्टिकोण विकसित हुए होंगे। सम्मेलन से प्राप्त अनुभव और सुझाव भविष्य में समाज तथा राष्ट्र के लिए उपयोगी साबित होंगे।
शोध और नवाचार को मिला प्रोत्साहन
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान रायपुर और भारतीय राष्ट्रीय अभियांत्रिकी अकादमी (आईएनएई) के संयुक्त आयोजन में तकनीकी शिक्षा, शोध और नवाचार से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई। सम्मेलन में युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और विशेषज्ञों के साथ विचार साझा करने का अवसर मिला।
समापन समारोह में उत्कृष्ट शोधपत्र प्रस्तुत करने वाले प्रतिभागियों के साथ परियोजना प्रदर्शनी और हैकाथॉन में उल्लेखनीय प्रदर्शन करने वाले युवाओं को सम्मानित किया गया। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों में शोध के प्रति रुचि बढ़ाना और उन्हें नए विचारों को व्यावहारिक रूप देने के लिए प्रोत्साहित करना रहा।
शिक्षाविदों और वैज्ञानिकों की रही सहभागिता
कार्यक्रम में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भिलाई के निदेशक प्रो. राजीव प्रकाश, जवाहरलाल नेहरू एल्युमिनियम रिसर्च, डेवलपमेंट एंड डिजाइन सेंटर के निदेशक डॉ. रोहित कुमार गुप्ता सहित एनआईटी रायपुर के प्राध्यापक प्रो. समीर वाजपेयी, प्रो. अर्चना शर्मा, डॉ. एस. सान्याल और डॉ. संजीव कुमार उपस्थित रहे।
सम्मेलन ने विद्यार्थियों, शिक्षाविदों और वैज्ञानिकों को एक साझा मंच प्रदान किया, जहां तकनीकी ज्ञान, शोध और नवाचार के माध्यम से देश के विकास में योगदान देने की संभावनाओं पर चर्चा हुई।




