
धमतरी। चक्रवात ‘अर्नब’ के प्रभाव से आने वाले दिनों में भारी बारिश, तेज हवाएं और गरज-चमक की आशंका को देखते हुए धमतरी जिले में जलाशयों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। संभावित बारिश और जलग्रहण क्षेत्रों से पानी की आवक बढ़ने पर रविशंकर सागर बांध (गंगरेल) से अधिक मात्रा में पानी छोड़ा जा सकता है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने नागरिकों से सतर्क रहने और नदी-नालों सहित जलप्रवाह वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है।
गंगरेल बांध में 59.53 प्रतिशत जलभराव
27 अक्टूबर 2026 को सुबह 7 बजे तक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, रविशंकर सागर बांध (गंगरेल) का जलस्तर 345.03 मीटर दर्ज किया गया। बांध का पूर्ण जलाशय स्तर 348.70 मीटर है। यहां पानी की आवक 5,904 क्यूसेक रही, जबकि जीवित जलभराव क्षमता का 59.53 प्रतिशत उपयोग हुआ है।
वहीं, दुधावा बांध का जलस्तर 424.03 मीटर दर्ज किया गया, जबकि इसका पूर्ण जलाशय स्तर 425.12 मीटर है। बांध में पानी की आवक 209 क्यूसेक और जलभराव क्षमता का उपयोग 84.21 प्रतिशत रहा।
मुरूमसिल्ली बांध की जीवित जलभराव क्षमता 90.72 प्रतिशत दर्ज की गई। दूसरी ओर, सौंदूर बांध का जलस्तर 469.71 मीटर रहा। इसका पूर्ण जलाशय स्तर 471.065 मीटर है। यहां पानी की आवक 20 क्यूसेक और जलभराव क्षमता का उपयोग 82.73 प्रतिशत दर्ज किया गया।
नदी-नालों और पुल-पुलियों से दूर रहने की सलाह
संभावित भारी बारिश और बांधों से पानी छोड़े जाने की आशंका को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने लोगों से नदी, नालों, पुल-पुलियों और तेज जलप्रवाह वाले स्थानों के आसपास जाने से बचने को कहा है। बच्चों और युवाओं को नदी-नालों में नहाने, मछली पकड़ने या तेज बहाव वाले पानी को पार करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पुल-पुलियों के ऊपर से पानी बहने की स्थिति में वहां से आवागमन नहीं करना चाहिए। थोड़ी-सी लापरवाही भी दुर्घटना का कारण बन सकती है।
निचले इलाकों में रहने वाले लोग रहें सतर्क
निचले और बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को विशेष सावधानी बरतने तथा जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहने की सलाह दी गई है। लोगों से बच्चों, बुजुर्गों और पालतू व अन्य घरेलू पशुओं की सुरक्षा पर ध्यान देने की अपील की गई है।
भारी बारिश, तेज हवाओं और गरज-चमक के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने तथा बिजली के खंभों, पेड़ों और जर्जर इमारतों से दूर रहने की भी सलाह दी गई है।
आधिकारिक सूचनाओं पर रखें नजर
जलाशयों के जलस्तर में अचानक वृद्धि होने की आशंका को देखते हुए नदी किनारे और निचले क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को मौसम और जलाशयों से संबंधित आधिकारिक सूचनाओं पर ध्यान देने को कहा गया है। किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन या संबंधित आपदा प्रबंधन दल को तत्काल सूचना देने की अपील की गई है।
प्रशासन ने नागरिकों से सुरक्षा निर्देशों का पालन करने, अफवाहों से बचने और स्वयं के साथ अपने परिवार की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील की है।




