
राजनांदगांव। डोंगरगढ़ स्थित विश्व प्रसिद्ध मां बम्लेश्वरी देवी मंदिर में क्वांर नवरात्रि पर्व के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। 11 से 20 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होने वाले नवरात्रि मेले में करीब 10 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने संबंधित विभागों को सुरक्षा, यातायात, स्वास्थ्य, पेयजल, स्वच्छता और बिजली सहित सभी जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
नवरात्रि मेले की तैयारियों को लेकर आयोजित बैठक में कलेक्टर ने पुलिस, रेलवे, स्वास्थ्य, लोक निर्माण, विद्युत, परिवहन, नगरीय निकाय और अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी विभाग आपसी समन्वय से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करें।
पदयात्रियों के लिए रोशनी और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
कलेक्टर ने अंजोरा से डोंगरगढ़ तक पदयात्री मार्गों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, संकेतक, रिफ्लेक्टर, स्पीड ब्रेकर और आवश्यक स्थानों पर बैरिकेडिंग कराने के निर्देश दिए। यातायात व्यवस्था सुचारू रखने के लिए भारी वाहनों के आवागमन पर निर्धारित प्रतिबंधों और वन-वे व्यवस्था का पालन कराने कहा गया है। पुलिस एवं परिवहन विभाग को ओवरलोडिंग, नशे में वाहन चलाने और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।
मेला परिसर, प्रज्ञागिरी मैदान और अन्य निर्धारित स्थानों पर व्यवस्थित पार्किंग के साथ तय किराया दरों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा। वहीं, परिसर और आसपास के क्षेत्रों में बनाए गए करीब 164 शौचालयों को चालू रखने तथा नियमित साफ-सफाई कराने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य केंद्रों में दवाइयां और एंबुलेंस रहेंगी उपलब्ध
श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए मंदिर के ऊपरी, मध्य और निचले हिस्सों सहित पदयात्री मार्गों पर स्वास्थ्य सहायता केंद्रों में डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ, आवश्यक दवाइयों, ग्लूकोज, ओआरएस और प्राथमिक उपचार सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने कहा गया है। आपात स्थिति से निपटने के लिए एंबुलेंस और बाइक एंबुलेंस की व्यवस्था रखने के साथ डोंगरगढ़ अस्पताल एवं जिला चिकित्सालय में भी आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
मेला परिसर और सेवा पंडालों में शुद्ध पेयजल की नियमित आपूर्ति के लिए पानी के टैंकर और टंकियों की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही पेयजल स्रोतों की गुणवत्ता की जांच भी की जाएगी।
सेवा पंडालों में भोजन, विश्राम और स्वच्छता पर जोर
पदयात्रियों की सुविधा के लिए सेवाभावी संस्थाओं के सेवा पंडालों में भोजन, स्वच्छ पेयजल, विश्राम, प्राथमिक उपचार और शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित करने कहा गया है। नगरीय निकायों और ग्राम पंचायतों को नियमित सफाई, कचरा संग्रहण और निस्तारण की जिम्मेदारी निभाने के निर्देश दिए गए हैं।
कलेक्टर ने डोंगरगढ़ को प्लास्टिक थैली मुक्त बनाने के लिए जनजागरूकता अभियान चलाने और आवश्यक कार्रवाई करने पर भी जोर दिया। इसके लिए महिला स्वसहायता समूहों को कपड़े के थैले बनाने और बेचने से जोड़ने की बात कही गई।
सीसीटीवी निगरानी के साथ रेलवे और बिजली व्यवस्था पर ध्यान
मंदिर परिसर, मेला मैदान, रेलवे स्टेशन, पार्किंग स्थलों और प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। सुरक्षा के लिए पुलिस बल, होमगार्ड और स्वयंसेवकों की तैनाती भी की जाएगी। विद्युत विभाग को निर्बाध बिजली आपूर्ति, पर्याप्त स्ट्रीट लाइट, जनरेटर और तकनीकी कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने कहा गया है।
रेलवे विभाग को श्रद्धालुओं की भीड़ को ध्यान में रखते हुए ट्रेनों के ठहराव, अतिरिक्त टिकट काउंटर, पेयजल, स्वच्छता और सुरक्षा की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।
रोप-वे की सुरक्षा और खाद्य पदार्थों की होगी जांच
कलेक्टर ने रोप-वे के नियमित रखरखाव, मरम्मत और फिटनेस प्रमाण-पत्र सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। रोप-वे का संचालन सुबह 7 बजे से रात 11 बजे तक निर्धारित किया गया है। दिव्यांगजनों और 50 वर्ष से अधिक आयु के श्रद्धालुओं को टिकट वितरण में प्राथमिकता देने कहा गया है।
इसके अलावा होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों, प्रसाद दुकानों और भोजनालयों में खाद्य पदार्थों की नियमित जांच की जाएगी। दूषित खाद्य सामग्री बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। अवैध शराब की बिक्री रोकने के साथ झूलों और अन्य मनोरंजन साधनों की सुरक्षा जांच पर भी जोर दिया गया है। प्रशासन का उद्देश्य नवरात्रि मेले के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराना है।




