नाना पाटेकर का निधन: 75 की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा, मौत से पहले कही थी जिंदगी की बड़ी बात

नई दिल्ली। बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 75 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। 8 अक्टूबर 2026 को गोवा में उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर सामने आते ही फिल्म इंडस्ट्री और उनके चाहने वालों के बीच शोक की लहर दौड़ गई। नाना पाटेकर अपनी दमदार आवाज, प्रभावशाली संवाद अदायगी और शानदार अभिनय के लिए पहचाने जाते थे।
नाना पाटेकर ने थिएटर से अपने अभिनय सफर की शुरुआत की थी और बाद में हिंदी तथा मराठी सिनेमा में अपनी खास पहचान बनाई। ‘परिंदा’, ‘क्रांतिवीर’, ‘तिरंगा’, ‘प्रहार’, ‘अपहरण’ और ‘वेलकम’ जैसी फिल्मों में उनके अलग-अलग किरदारों ने दर्शकों के दिलों पर गहरी छाप छोड़ी। गंभीर भूमिकाओं से लेकर कॉमेडी तक, उन्होंने हर तरह के किरदार को अपने खास अंदाज में जीवंत किया।
‘क्रांतिवीर’ में उनके शानदार अभिनय के लिए उन्हें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। वहीं ‘वेलकम’ में उदय शेट्टी के किरदार ने उन्हें नई पीढ़ी के दर्शकों के बीच भी बेहद लोकप्रिय बना दिया। उनकी संवाद बोलने की शैली और अभिनय का अंदाज आज भी लोगों के बीच खासा चर्चित है।
नाना पाटेकर अपने बेबाक विचारों के लिए भी जाने जाते थे। जीवन और मृत्यु को लेकर उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था कि इंसान अक्सर इस तरह जिंदगी जीता है, जैसे उसे कभी मरना ही नहीं है। उनका मानना था कि अगर व्यक्ति यह समझ ले कि जिंदगी सीमित है, तो वह दिखावे और लालच से दूर होकर मौजूदा पल को ज्यादा सादगी और शांति के साथ जी सकता है।
उनकी ये बातें अब उनके निधन के बाद और भी ज्यादा भावुक कर देने वाली लग रही हैं। नाना पाटेकर का जाना भारतीय सिनेमा के लिए एक बड़ी क्षति है। उन्होंने अपने अभिनय से ऐसे किरदार छोड़े हैं, जिन्हें दर्शक लंबे समय तक याद रखेंगे। पर्दे पर उनकी दमदार मौजूदगी, आवाज और अभिनय की अलग शैली हमेशा उनके प्रशंसकों के दिलों में जिंदा रहेगी।




