14 हजार फीट पर जिंदगी और मौत की जंग, भारतीय कैप्टन ने खोला कॉकपिट का दरवाजा

हवा में उड़ रहे एक विमान में अचानक ऐसा घटनाक्रम हुआ, जिसने सैकड़ों यात्रियों की जिंदगी खतरे में डाल दी। रिपोर्टों के मुताबिक, फ्लाईदुबई की एक उड़ान में ओमानी को-पायलट ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर चाकू से हमला किया और विमान को नीचे की ओर मोड़ने की कोशिश की। हालात बेहद गंभीर थे, लेकिन कैप्टन और कुछ यात्रियों की त्वरित कार्रवाई ने संभावित बड़े हादसे को टाल दिया।
हमले में घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित ने कॉकपिट का दरवाजा अनलॉक कर दिया। दरवाजा खुलते ही कुछ यात्री कॉकपिट में पहुंचे और हमलावर को काबू में कर लिया। यात्रियों ने कथित तौर पर कॉकपिट में मौजूद हेडफोन की केबल का इस्तेमाल कर उसे बांध दिया।
इस दौरान हमलावर के कथित तौर पर बार-बार “Kill Me” कहने की बात सामने आई है। घटना में शामिल यात्रियों ने बाद में इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को उस भयावह घटनाक्रम की जानकारी दी।
नेतन्याहू ने यानिव हायून, ओर पारडिलोव, डॉ. शोटा मुसायेव और उनकी पत्नी सिगालिट से मुलाकात की और उनकी बहादुरी की सराहना की। इस दौरान यात्रियों ने बताया कि कुछ ही सेकंड में लिए गए फैसलों ने विमान में सवार 174 लोगों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई।
पूरी घटना में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कॉकपिट का दरवाजा खोलने का उनका फैसला निर्णायक साबित हुआ। इसके बाद यात्रियों ने अंदर पहुंचकर स्थिति को संभाला और हमलावर को काबू में किया।
यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि विमान में किसी भी आपात स्थिति के दौरान क्रू और यात्रियों की सूझबूझ, साहस और त्वरित प्रतिक्रिया कितनी महत्वपूर्ण हो सकती है।




