
रायपुर। संकट की घड़ी में तेन्दूपत्ता संग्राहक परिवारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में राज्य सरकार की महत्वपूर्ण पहल जारी है। राजमोहिनी देवी तेन्दूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत 169 परिवारों को कुल 2 करोड़ 42 लाख 40 हजार रुपए की सहायता राशि प्रदान की गई है। वन मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ द्वारा यह राशि हितग्राहियों के बैंक खातों में डिजिटल माध्यम से अंतरित की गई।
डिजिटल भुगतान की शुरुआत रायगढ़ जिले की चिमटापानी समिति के श्री मिथिलेश सिदार और दंतेवाड़ा जिले की नकुलनार समिति के श्री गल्ले वीटी के बैंक खातों में सहायता राशि अंतरित कर की गई।
योजना के अंतर्गत दुर्घटना से मृत्यु के 4 प्रकरणों में प्रत्येक परिवार को 4 लाख रुपए तथा सामान्य मृत्यु अथवा स्थायी विकलांगता के 103 प्रकरणों में प्रत्येक को 2 लाख रुपए की सहायता प्रदान की गई। वहीं 50 से 59 वर्ष आयु वर्ग में दुर्घटना मृत्यु अथवा स्थायी विकलांगता के 4 प्रकरणों में 75-75 हजार रुपए और सामान्य मृत्यु के 58 प्रकरणों में 30-30 हजार रुपए की सहायता दी गई।
परिवारों को संकट में सीधी आर्थिक मदद
राजमोहिनी देवी तेन्दूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना का उद्देश्य तेन्दूपत्ता संग्रहण से जुड़े परिवारों को विपरीत परिस्थितियों में आर्थिक सहारा उपलब्ध कराना है। योजना के तहत 18 से 50 वर्ष आयु वर्ग में परिवार के मुखिया की सामान्य मृत्यु या स्थायी विकलांगता पर 2 लाख रुपए, दुर्घटना मृत्यु पर 4 लाख रुपए तथा आंशिक विकलांगता पर 1 लाख रुपए की सहायता का प्रावधान है।
इसी प्रकार 50 से 59 वर्ष आयु वर्ग में सामान्य मृत्यु पर 30 हजार रुपए, दुर्घटना मृत्यु अथवा स्थायी विकलांगता पर 75 हजार रुपए तथा आंशिक विकलांगता पर 37 हजार 500 रुपए की सहायता दी जाती है।
योजना के माध्यम से तेन्दूपत्ता संग्रहण से जुड़े परिवारों को मृत्यु और विकलांगता जैसी कठिन परिस्थितियों में सीधे आर्थिक सहायता उपलब्ध कराकर सामाजिक सुरक्षा का मजबूत आधार दिया जा




